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2013 को ख़वातीन के तहफ़्फ़ुज़ के लिए मानून किया जाये : परनब मुख‌र्जी

नई दिल्ली 01 जनवारी: साल नौ के मौके पर सदर जमहूरीया परनब मुख‌र्जी के पैग़ाम में क़ौमी दार-उल-हकूमत नई दिल्ली में एक लड़की की इजतिमाई इस्मत रेज़ि के बरबरीयत अंगेज़ वाक़िये पर तवज्जा मर्कूज़ की गई है ।

नई दिल्ली 01 जनवारी: साल नौ के मौके पर सदर जमहूरीया परनब मुख‌र्जी के पैग़ाम में क़ौमी दार-उल-हकूमत नई दिल्ली में एक लड़की की इजतिमाई इस्मत रेज़ि के बरबरीयत अंगेज़ वाक़िये पर तवज्जा मर्कूज़ की गई है ।

इस पैग़ाम में साल नौ 2013 को मल्क में ख़वातीन के तहफ़्फ़ुज़-ओ-सलामती के इंतेज़ामात में बेहतरी और सनफ़ नाज़ुक की फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए मानून करने का फैसला कियागया है और एसे वाक़ियात का बुनियादी सबब बनने वाले अंदाज़ फ़िक्र की इस्लाह पर तवज्जा मर्कज़ की जाएगी ।

सदर परनब मुख‌र्जी ने शदीद जज़बात से मग़्लूब पैग़ाम साल नौ में कहा है कि हम इंतिहाई ग़म-ओ-अंदोह की फ़िज़ा में साल नौ का आग़ाज़ कररहे हैं कीवनके हमारा मुल्क एक नौजवान लड़की की अल-मनाक मौत पर सोग मना रहा है जो वहशियाना जुर्म का शिकार हुई है ।

उन्हों ने अपने पैग़ाम में कहा कि इस मौके का एहतिसाब के एक लम्हा के तौर पर इस्तिमाल किया जाये और इस अंदाज़ फ़िक्र को झनजोड़ने पर तवज्जा दी जाये जो एसे वाक़ियात का बुनियादी सबब है ताके हम अपने मुल्क में ख़वातीन के लिए मुसावात और वक़ार को यक़ीनी बनाएं।

सदर परनब मुख‌र्जी ने एक बामक़सद और तरक़्क़ी-ओ-ख़ुशहाली के ज़ामिन साल नौ केलिए अपनी नेक तमनाव का इज़हार करते हुए कहा कि हम अपने अधूरे ख़ाबों की तकमील के लिए पूरे अज़म-ओ-हौसले के साथ वक़्फ़ हूजाएं।

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