2014 की तुलना में 13 फीसदी घटा भाजपा का वोट

2014 की तुलना में 13 फीसदी घटा भाजपा का वोट
Click for full image

यूपी और बिहार में 11 मार्च को हुए उपचुनाव के नतीजे 14 मार्च को आ गए। बिहार में राजद और भाजपा ने अपनी सीटें बरकरार रखीं, जबकि यूपी में भाजपा के हाथ से दोनों लोकसभा सीटें छिन गई। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍य नाथ की पुरानी सीट गोरखपुर और उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पुरानी सीट फूलपुर सपा के खाते में चली गईं। बिहार में अररिया लोकसभा सीट पर राजद के दिवंगत सांसद तस्‍लीमुद्दीन के बेटे सरफराज राजद के टिकट पर ही चुनाव जीत गए। जहानाबाद और भभुआ की विधानसभा सीटों पर भी पुरानी पार्टी (क्रमश: राजद और भाजपा) का ही कब्‍जा रहा। वोटों का गणित कहां कैसा रहा, जानिए:

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर सीट पर भी समाजवादी पार्टी ने कब्जा कर लिया। सपा के वोट शेयर में जबरदस्त वृद्धि हुई है। वहीं, बीजेपी को पांच फीसद का नुकसान उठाना पड़ा है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा के पक्ष में 22 फीसद लोगों ने वोट डाला था। वहीं, इस बार यह आंकड़ा 49 फीसद तक पहुंच गया। इस तरह सपा के वोट शेयर में 27 फीसद की वृद्धि हुई। बसपा का 17 प्रतिशत वोट शेयर सीधे सपा के खाते में गया। इसके अलावा कांग्रेस को वोट करने वालों में भी अधिकतर मतदाताओं ने सपा के पक्ष में मतदान किया। कौन जीता: प्रवीण कुमार निषाद (21,961 मतों से विजयी)

यह विधानसभा सीट पहले से ही राजद के पास थी। लेकिन, लालू प्रसाद यादव के चुनाव प्रचार में हिस्सा न लेने के बावजूद राजद अपना वोट प्रतिशत बढ़ाने में सफल रहा। पिछले विधानसभा चुनाव में राजद के हिस्से में 51 फीसद मत आए थे। इस बार यह आंकड़ा 56 प्रतिशत तक पहुंच गया। भाजपा से दोबारा गठजोड़ करने के बावजूद जदयू के पक्ष में 30 फीसद लोगों ने ही वोट डाला। कौन जीता: कुमार कृष्ण मोहन, राजद (35,036 मतों से विजयी)

Top Stories