Tuesday , December 19 2017

2014 चुनाव: ककिसी पार्टी को अक्सरीयत नहीं मिलेगी

हिंदुस्तानी की हुक्मरानी में मख़लूत सियासत का बदस्तूर ग़लबा रहेगा क्योंकि किसी भी पार्टी को 2014 के जेनरल इलेक्शन में वाज़ेह अक्सरीयत हासिल होने का इमकान नहीं है, एक सीनियर अमरीकी एन्टेलीजेन्स ओहदेदार ने आज ये बात कही। मख़लूत सियासत

हिंदुस्तानी की हुक्मरानी में मख़लूत सियासत का बदस्तूर ग़लबा रहेगा क्योंकि किसी भी पार्टी को 2014 के जेनरल इलेक्शन में वाज़ेह अक्सरीयत हासिल होने का इमकान नहीं है, एक सीनियर अमरीकी एन्टेलीजेन्स ओहदेदार ने आज ये बात कही। मख़लूत सियासत का लग भग यक़ीनी तौर पर हिंदुस्तानी हुक्मरानी पर ग़लबा रहेगा।

1984 के क़ौमी इंतिख़ाबात से कोई भी पार्टी पार्लीयामेंट में वाज़ेह अक्सरीयत नहीं जीत पाई है।

जेम्ज़ क्लीपर डायरेक्टर यू एस नैशनल एन्टेलीजेन्स ने कहा, हमारा अंदाज़ा है कि ये रुजहान 2014 के इंतिख़ाबात में जारी रहेगा, और सियासी जमातों का फैलाव सियासी इत्तिफ़ाक़े राय का फ़रोग़ मज़ीद पेचीदा बना देगा।

इलावा अज़ीं क्लीपर ने कहा कि हिंदुस्तान मुस्तहकम और जम्हूरी पाकिस्तान के लिए अमरीकी मक़ासिद से इत्तिफ़ाक़ रखता है, जो जुनूब और वस्ती एशिया के दरमयान तिजारत और मआशी यगांगत की हौसला अफ़्ज़ाई कर सकता है।

TOPPOPULARRECENT