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2017 में समाजवादी पार्टी सत्ता में आ भी जाए तब भी मैं वापस नहीं जाऊंगा- शिवपाल यादव

लखनऊ।  कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के कुछ घंटों बाद शिवपाल यादव ने टाइम्स ऑफ इंडियाअखबार को इटरव्यू देते हुए कहा  2017 चुनावों में समाजवादी पार्टी सत्ता में आ भी जाती है तो मैं अखिलेश सरकार में मैं बतौर मंत्री काम नहीं करुंगा। इंटरव्यू देते समय समाजवादी पार्टी में चल रहे पूरे घटनाक्रम को लेकर वह बेहद भावुक नजर आए।

शिवपाल यादव का टाइम्स ऑफ इंडिया को दिये गये इंटरव्यू का कुछ अंश

टाइम्स ऑफ इंडिया- आपको कैबिनेट से निकाले जाने के पीछे क्या वजह हो सकती है?
शिवपाल यादव पिछले कुछ समय से मुझे जानकारी थी कि अखिलेश मुझे निकालने के लिए बहाना ढूंढ रहे थे। मैंने इस बारे में परिवार और नजदीकी मित्रों से चर्चा भी की थी। मुझे महसूस हो रहा था कि अखिलेश मुझे हटाने का मन बना चुके हैं, जबकि इसके पीछे कोई कारण नहीं था।

 

टाइम्स ऑफ इंडिया- लेकिन रविवार को हुई CM की बैठक में यह कहा गया कि जो लोग अमर सिंह के कहने पर काम कर रहे हैं, षड़यंत्र रच रहे हैं, उन्हें पार्टी में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आपको कैबिनेट से बाहर किए जाने के पीछे भी यही कारण है।

शिवपाल यादव- मैं अखिलेश को चुनौती देता हूं कि यह साबित करें कि मैंने अमर सिंह के किसी काम या प्रॉजेक्ट के लिए उनके सामने सिफारिश की हो! करीब एक हफ्ते से मेरी अमर सिंह से कोई बात नहीं हुई, पिछले पूरे एक महीने में मैंने उनसे सिर्फ एक बार बात की है। क्या ऐसा करना अपराध है?
टाइम्स ऑफ इंडिया अगर आपको अखिलेश सरकार में लौटने का ऑप्शन दिया जाता है तो आप इसको मानेंगे?
शिवपाल यादव- मैं आज यह घोषणा करता हूं कि 2017 चुनावों में समाजवादी पार्टी सत्ता में आ भी जाती है तो मैं अखिलेश सरकार में मैं बतौर मंत्री काम नहीं करूंगा। बहुत हो गया। बिना किसी अपराध के मुझे प्रताड़ित किया गया है, अखिलेश ने मुझे दुख पहुंचाया है। भले वह न मानें, पर वह मेरे अपने बेटे जैसे हैं। इमरजेंसी के दौरान जब मुलायम सिंह 17 महीनों के लिए जेल में थे तब मैंने उनके पूरे परिवार का ख्याल रखा। मुलायम सिंह और मैंने पार्टी के लिए दर्द सहा है, जितना दुख झेला है, उतना अखिलेश ने नहीं।
टाइम्स ऑफ इंडिया- अगर मुख्यमंत्री को पसंद नहीं होने के बावजूद अमर सिंह से रिश्ता क्यों रखे हुए हैं?
शिवपाल यादव- मैं अमर सिंह की इज्जत उनके नेताजी के पुराने मित्र होने के नाते करता हूं। राजनीति में मैंने यही सीखा है कि जो रिश्ते आपने बनाए हैं उन्हें बनाए रखें। मैं एहसान फरामोश नहीं हूं।

 

टाइम्स ऑफ इंडिया- कहा जाता है कि अमर सिंह की छवि परिवारों और पार्टियों को तोड़ने वाले की है।

शिवपाल यादव- मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। उ्न्होंने मुलायम सिंह के साथ लंबे समय तक काम किया है, इसलिए मैं उनकी इज्जत करता हूं। मैं यह बताना चाहता हूं कि जब दूसरी बार उन्हें पार्टी में शामिल किया गया तो मैंने उन्हें आगाह किया था कि इस बार उन्हें पहले जैसी इज्जत नहीं मिलेगी।

 

टाइम्स ऑफ इंडिया- जब से अखिलेश मुख्यमंत्री बने हैं, उनके साथ आपके रिश्तों में तनाव आ गया है।
शिवपाल यादव हां, यह सच है। मुख्यमंत्री पद के लिए मैंने मुलायम सिंह यादव जी का नाम प्रस्तावित किया था, लेकिन उन्होंने अखिलेश का नाम लिया इसलिए मैंने उसे स्वीकार कर लिया। मैं मुलायम सिंह जी का विरोध नहीं कर सकता, वह मेरे गुरु हैं और पिता समान हैं।

 

टाइम्स ऑफ इंडिया- लेकिन बाद में आप प्रदेश सरकार में मंत्री बन गए।
शिवपाल यादव- मैं मंत्री नहीं बनना चाहता था, लेकिन फिर भी अखिलेश के साथ काम किया।

 

 

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