Friday , September 21 2018

2019 में एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा विपक्ष, तीसरे मोर्चे की जरूरत नहीं- शरद यादव

वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव ने अगले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा की चुनौती से निबटने के लिए तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद को नकारते हुए सभी विपक्षी दलों के एकजुट होने का भरोसा जताया है. यादव ने कहा, ”ऐसा तीसरा मोर्चा बनने के कोई आसार उन्हें नजर नहीं आते.”

यादव ने कहा कि अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद से विपक्ष की एकजुटता पर असर नहीं पड़ेगा.

टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी और टीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव द्वारा तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद से विपक्ष की एकता के प्रयासों को धक्का लगने के सवाल पर उन्होंने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि तीसरा मोर्चा वजूद में आयेगा. कुछ समय इंतजार करें, तीसरा मोर्चा बनाने वाले ही साझा विपक्ष की बात करेंगे.”

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बात नहीं मानने और बाद में भूल सुधार कर उपचुनाव में बसपा से हाथ मिलाने का परिणाम सामने है.

इसी तरह बिहार में महागठबंधन बना कर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने और नीतीश कुमार द्वारा इसे तोड़ने के बाद हुए उपचुनाव में मिली पराजय भी सबके सामने है. उन्होंने कहा, ”इसीलिए मैं कहता हूं कि जो एकजुट नहीं होने की गलती से सबक नहीं लेगा, उसे बाद में भाजपा ही सबक सिखायेगी.”

उन्होंने चार दशक के अपने राजनीतिक अनुभव के हवाले से कहा, ”आपातकाल से लेकर अब तक, जब जब देश में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हालात आज की तरह नाजुक हुए, तब तब विपक्षी दलों ने एकजुट होकर फिरकापरस्त ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया.”

उन्होंने कहा कि आपातकाल की तरह, इस समय भी देश का सामाजिक ताना-बाना संकट में है, नोटबंदी और जीएसटी के कारण अर्थव्यवस्था बदहाल है, मध्यम और निचले तबके के लोगों की रोजी-रोटी छिन रही है और संविधान की मर्यादा का प्रतिदिन उल्लंघन हो रहा है.”

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