2019 लोकसभा चुनाव: कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए प्रियंका गांधी कर रही हैं दिन- रात काम!

2019 लोकसभा चुनाव: कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए प्रियंका गांधी कर रही हैं दिन- रात काम!

लोकसभा चुनाव 2019 का घमासान धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुंच रहा है और इसी के साथ देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का सियासी पारा भी चढ रहा है। यूपी में सबसे ज्यादा नजर कांग्रेस महासचिव और मोदी-योगी के गढ़ पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी पर है जो लगातार मैराथन मीटिंग कर रही हैं। लखनऊ में आज प्रियंका की मीटिंग का आखिरी दिन है। खबर है कि वो शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती हैं।

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, प्रियंका गांधी ने लखनऊ की जमीन पर अभी 72 घंटे भी नहीं गुजारे हैं लेकिन कांग्रेस एक नए तेवर और कलेवर में दिख रही है।

16 घंटे की मैराथन मीटिंग के बाद फिर रात के करीब ढाई बजे तक मीटिंग का दौर जारी रहा। रात के ढाई बजे तक वो कार्यकर्ताओं से मिलीं और जीत का मंत्र दिया। प्रियंका को इस बात का बखूबी इल्म है कि उत्तर प्रदेश के किले को भेदना कितना मुश्किल है।

प्रियंका को एक ओर जहां मोदी-योगी से मुकाबला करना है तो वहीं दूसरी ओर बुआ-बबुआ की जोड़ी की चुनौती से भी पार पाना है। लिहाजा सियासी बिसात पर प्रियंका अपने हर मोहरे को सोच समझकर चल रही हैं और एक मंझे हुए नेता की तरह चाल चल रही हैं। महान दल के साथ गठबंधन इसका प्रमाण है।

1989 के बाद से यूपी की सियासत में कांग्रेस हाशिये पर है। ऐसे में प्रियंका की असल चुनौती यूपी में कांग्रेस को फिर से खड़ा और जिंदा करना है जिसके लिए वो हर संसदीय क्षेत्र के नेताओं से मिल रही हैं। प्रियंका ने मंगलवार को 16 घंटे तक नॉन स्टॉप मीटिंग की और बुधवार को रात के ढाई बजे तक नेताओं से मिलती रहीं।

इस दौरान 12 लोकसभा सीटों के पूर्व सांसद, पूर्व विधायकों से प्रियंका ने बात की। उन्होंने ज़िला अध्यक्षों और ब्लॉक लेवल के कार्यकर्ताओं से भी बात की। जनता के बीच प्रियंका का जबर्दस्त क्रेज है और पिछले दो दिन में प्रियंका की मेहनत देख कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ा है।

प्रियंका की मैराथन मीटिंग्स के दौर से सिर्फ कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि सीनियर लीडर भी उत्साह में हैं। लखनऊ में कांग्रेस दफ्तर में कांग्रेस का जो भी नेता-कार्यकर्ता प्रियंका से मिलने आ रहा है उससे एक फॉर्म भरवाया जा रहा है। वैसे तो ये फॉर्म सामान्य सा है लेकिन इसमें जाति और उपजाति का एक कॉलम है।

यानी चुनावी माहौल में जातिगत समीकरणों पर भी प्रियंका की नजर है। 2019 में प्रियंका का एक ही लक्ष्य है, यूपी से ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना और राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना। दिल्ली फतेह के लिए हर दांवपेंच आजमाया जा रहा है।

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