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2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को झटका दे सकता है उत्तर भारत की कुछ सीटें!

जालंधर। मिशन-2019 को पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से जोरदार झटका लग सकता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में चंडीगढ़ सहित इन राज्यों की कुल 34 लोकसभा सीटों में से भाजपा और उसके सहयोगियों ने 24 जीती थीं, जिनमें भाजपा की 17 सीटें थीं। 4 सीटें अकाली दल, 3 सीटें पी.डी.पी. ने जीती थीं।

अकाली दल ने भाजपा के साथ मिल कर चुनाव लड़ा था, जबकि पी.डी.पी. ने जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाई थी।

इन 34 सीटों में से कांग्रेस को 4, आम आदमी पार्टी को 4, इनैलो को 2, एन.सी.पी. को एक सीट मिली थी। भाजपा की एक सीट पहले भी कम हो चुकी है क्योंकि गुरदासपुर सीट के उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को करारी मात दे कर सीट छीन ली है।

पंजाब की कुल 13 सीटों में से 2014 में भाजपा-अकाली दल गठजोड़ ने 6 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 3 और ‘आप’ को 4 सीटें मिली थीं। वर्तमान में राज्य में कांग्रेस की सरकार है।

गुरदासपुर के उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को बुरी तरह से हराया है। निगम चुनाव में भी कांग्रेस ने गठजोड़ का सूपड़ा साफ कर दिया है। 2014 के चुनाव में भाजपा-अकाली दल को 6 सीटें मिलने के पीछे सबसे बड़ा कारण आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच वोटों का विभाजन था।

इसका लाभ गठजोड़ को मिला था लेकिन अब पंजाब में सीधी लड़ाई की स्थिति बनती जा रही है। ऐसी स्थिति में भाजपा-अकाली गठजोड़ के लिए अपनी सीटें बचाना कठिन होगा।

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