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2023 तक मेज़बानी से महरूमी मायूसकुन: मिसबाह

कराची 2 जुलाई ( पी टी आई ) आई सी सी की जानिब से 2023 तक पाकिस्तान को किसी बैन-उल-अक़वामी बड़े ईवेंट की मेज़बानी के हुक़ूक़ ना दिए जाने पर मायूसी का इज़हार करते हुए टीम के कप्तान मिसबाह-उल-हक़ ने कहा कि पाकिस्तान को बैन-उल-अक़वामी क्रिकेट की मे

कराची 2 जुलाई ( पी टी आई ) आई सी सी की जानिब से 2023 तक पाकिस्तान को किसी बैन-उल-अक़वामी बड़े ईवेंट की मेज़बानी के हुक़ूक़ ना दिए जाने पर मायूसी का इज़हार करते हुए टीम के कप्तान मिसबाह-उल-हक़ ने कहा कि पाकिस्तान को बैन-उल-अक़वामी क्रिकेट की मेज़बानी के हुक़ूक़ ना मिलने की वजह से टीम के मुज़ाहिरों पर असर पड़ रहा है।

आई सी सी के लंदन में गुज़शता हफ़्ता हुए इजलास में 2023 तक पाकिस्तान को किसी बड़े बैन-उल-अक़वामी ईवेंट की मेज़बानी नहीं दी गई है जबकि 2009 में सिरी लंकाई टीम पर लाहौर मेव हुए दहश्तगर्द हमले के बाद से पाकिस्तान में बैन-उल-अक़वामी क्रिकेट मुनाक़िद नहीं हुई है। इंगलैंड में हालिया मुनाक़िदा चमपीनस ट्रॉफ़ी में पाकिस्तानी टीम को तीन ग्रुप मरहलों में एक भी कामयाबी हासिल नहीं हुई।

इन तमाम हालात पर लंदन से गुज़शता रात यहां पहुंचने वाले कप्तान मिसबाह ने मीडीया नुमाइंदों से इज़हार-ए-ख़्याल करते हुए कहा कि मुल्क को 2023 तक बैन-उल-अक़वामी क्रिकेट के बड़े ईवंट की मेज़बानी ना मिलना मायूसकुन है। मिसबाह ने चमपीनस ट्रॉफ़ी में टीम के मुज़ाहिरों पर इज़हार-ए-ख़्याल करते हुए कहा कि इन्फ़िरादी या मजमूई तौर पर हम नाकाम हुए हैं। नीज़ मिसबाह ने ये भी कहा कि तन्क़ीदी बयानात हमारे लिए कोई नई चीज़ नहीं है क्योंकि जब टीम नाक़िस मुज़ाहरा करती है तो उसे तन्क़ीद भी बर्दाश्त करनी पड़ती है।

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