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21 मई को सूर्य ग्रहन

सूरज ,कुर्रा-ए-अर्ज़ और चांद इन तीनों का एक साथ सामना हो जाए तो ये नज़ारा दिलचस्पी से ख़ाली नहीं होता। जब सूरज , चांद की आग़ोश में पहुंचता है तो उसे सूरज ग्रहन ( सूर्य ग्रहन) कहा जाता है। इस साल का सूरज ग्रहन 21 मई को वक़ूअ होगा जिसको मुल्क क

सूरज ,कुर्रा-ए-अर्ज़ और चांद इन तीनों का एक साथ सामना हो जाए तो ये नज़ारा दिलचस्पी से ख़ाली नहीं होता। जब सूरज , चांद की आग़ोश में पहुंचता है तो उसे सूरज ग्रहन ( सूर्य ग्रहन) कहा जाता है। इस साल का सूरज ग्रहन 21 मई को वक़ूअ होगा जिसको मुल्क के मशरिक़ी हिस्सा में देखा जा सकेगा।

जीवाजी लेबोरेट्री उज्जैन के डायरेक्टर डाक्टर राजिंदर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि जुज़वी सूरज ग्रहन का आग़ाज़ हिंदूस्तानी वक़्त के मुताबिक़ 3 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगा और 7 बजकर 6 मिनट पर ख़त्म होगा। सूरज ग्रहन का सब से अहम तरीन लम्हा उस वक़्त होगा जब चांद , सूरज को तक़रीबन 94.5 फ़ीसद अपनी आग़ोश में ले लेगा। इस साल हिंदूस्तान में देखा जाने वाला ये पहला सूरज ग्रहन होगा।

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