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24 घंटे में ही बंद हुई नम्रता डामोर मौत की फाइल

जबलपुर: व्यापमं घोटाले से जुड़ी मेडिकल स्टूडेंट नम्रता दामोर के केस को उज्जैन पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही बंद कर दिया। झाबुआ की रहने वालीं नम्रता मेडिकल स्टूडेंट थी और 2012 में रेल ट्रैक के करीब स्की लाश थी। पुलिस का कहना है कि नम्रता क

जबलपुर: व्यापमं घोटाले से जुड़ी मेडिकल स्टूडेंट नम्रता दामोर के केस को उज्जैन पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही बंद कर दिया। झाबुआ की रहने वालीं नम्रता मेडिकल स्टूडेंट थी और 2012 में रेल ट्रैक के करीब स्की लाश थी। पुलिस का कहना है कि नम्रता की पोस्टमॉटर्म रिपोर्ट में कुछ भी ऐसा नहीं पाया गया, जिस पर शक की गुंजाइश हो और इसीलिए फाइल अब बंद की जा रही है।

गौरतलब है कि नम्रता दामोर की मुश्तबा मौत के मामले में उज्जैन पुलिस ने नए सिरे से जांच के हुक्म दिए थे।इस मामले में पहले की जांच में नम्रता की मौत को खुदकुशी करार दिया था और पुलिस ने मामला बंद कर दिया था।

पुलिस ने इस मामले में शुरू से ही हल्के में लिया और जांच पर काफी सवाल उठे थे। पुलिस ने यह देखने तक कि जहमत नहीं उठाई कि नम्रता की लाश दूसरे ट्रैक पर कैसे पहुंची, जबकि दोनों ट्रैक के बीच के हिस्से में खून के निशान ही नहीं थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर्स ने इसे क़त्ल बताया था जबकि पुलिस ने मेडिको लीगल की बुनियाद पर खुदकुशी बताकर मामला बंद कर दिया था।

नम्रता को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने रिपोर्ट में लिखा था कि मौत दम घुटने से हुई। नम्रता एमबीबीएस सैकंड ईयर की स्टूडेंट थी और वह व्यापमं मामले से जुड़ी हुई थी।

काबिल ए ज़िक्र है टीवी सहाफी अक्षय सिंह नम्रता मामले की रिपोर्टिग के लिए ही उसके झाबुआ वाके घर गए थे, जहां उनकी अचानक बीमार होने से मौत हो गई थी।

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