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27 दिसम्बर से भुवनेश्वर में होगी विश्व हिन्दू परिषद् की त्रि-दिवसीय अहम् बैठक : सुरेन्द्र जैन

भुवनेश्वर: विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की केन्द्रीय प्रबंध समिति व प्रन्यासी मंडल की बैठक आगामी 27 से 29 दिसंबर तक भुवनेश्वर में आयोजित होगी। संगठन के 53 सालों के इतिहास में पहली बार भगवान जगन्नाथजी की भूमि पर आयोजित की जाने वाली इस वैश्विक स्तर की बैठक में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर को भव्यता समेत धर्मांतरण, गौरक्षा, जेहादी आतंकवाद जैसे अनेक विषयों पर चर्चा के साथ साथ इनके लिए एक्सन प्लान की घोषणा भी की जाएगी। विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डा. सुरेन्द्र जैन ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि विश्व के जिन 55 देशों में विश्व हिन्दू परिषद का काम है उनके अलावा देश के सभी राज्यों के प्रतिनिधि इस त्रिदिवसीय बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर विस्तार से चर्चा होगी और इसके लिए एक्सन प्लान के कार्यान्वयन पर विचार होगा। अब अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। 2018 में मंदिर के निर्माण को सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाये जाएंगे।

डा जैन ने बताया कि बैठक में धर्मांतरण रोकने पर विचार विमर्श होगा। जहां एक ओर धर्मांतरण कराने वाले ईसाई मिशनरी हिन्दू समाज के प्रति साजिश रच रहे हैं वहीँ देश की सैक्यूलर बिरादरी उन्हें बढ़ाबा दे रही है। उन्होंने मांग की कि ओडिशा में पूज्य संत स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की जांच करने वाली नाइडू आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि लोगों के सामने यह बात सामने आये कि उनके हत्या के पीछे षडयंत्रकारी कौन थे?

ओडिशा में धर्मांतरण-रोधी कानून के बावजूद धर्मांतरण तेजी से हो रहा है। ईसाई मिशनरी न केवल धर्मांतरण करवा रही हैं बल्कि जनजातीय लोगों की जमीनें भी हडप रहीं हैंतथा क्रिप्टो क्रिश्चियन लोग झुठे जाति प्रमाण पत्र के आधार पर जनजातियों की नौकरियों पर भी कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि यहाँ के अनेक चर्च आखिर जनजातीय लोगों यासरकारी जमीन पर क्यों खडे हैं? इन अवैध तरीकों से बनाये गये चर्चों को तोडने के लिए हाइकोर्ट के निर्देश के बावजूद उन्हें अभी तक क्यों नहीं तोडा गया? विहिप हाइकोर्ट के आदेश के पालन करने की सरकार से मांग करती है। ट्यूरिस्ट वीजा पर आने वाले विदेशी ईसाईयों द्वारा यहां आ कर चंगाई सभा करने तथा धर्मांतरण की गतिविधियों लिप्त पाए जाने कीघटनाओं पर भी रोक लगाये जाने की उन्होंने मांग की।

ओडिशासरकार द्वारा प्रख्यात कवि अभिमन्यु सामंत सिंहार के नाम की मार्ग को बदल कर मदर टेरेसा के नाम पर रखने पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए धर्मांतरण की सरगना के नाम को तुरंत हटाने की मांग भी की।

इस बैठक में गौरक्षा, जेहादी आतंकवाद, बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या इत्यादि अनेक विषयों पर भी मंथन किया जाएगा।

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