Friday , May 25 2018

34 घंटे ताखीर से हाजियों का पहला काफला पहुंचा

जिसका डर था वही हुआ। झारखंड के हुज्जाज किराम का पहला काफला 28 अक्तूबर को दिन में ढाई बजे सऊदी अरब से रांची आना तय था मगर बद इंतेजामी के सबब हाजियों का पहला कफला 30 अक्तूबर सुबह 3.15 मिनट पर बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर पूरे 34 घंटे ताखीर से पह

जिसका डर था वही हुआ। झारखंड के हुज्जाज किराम का पहला काफला 28 अक्तूबर को दिन में ढाई बजे सऊदी अरब से रांची आना तय था मगर बद इंतेजामी के सबब हाजियों का पहला कफला 30 अक्तूबर सुबह 3.15 मिनट पर बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर पूरे 34 घंटे ताखीर से पहुंचा।

इस काफले में रियासत के मुखतलिफ़ इज़ला के 239 हुज्जाज किराम थे। उनमें 90 औरतें थीं। रियासती हज कमेटी के चेयरमैन मंजूर अंसारी जहाज के ताखीर से आने का सबब बताने में नाकाम रहे। उन्होने कहा की इस सिलसिले में हज कमेटी ऑफ इंडिया से बात की जाएगी। जहाज के ताखीर से आने के सबब हाजियों को लेने आए मुखतलिफ़ इजला के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। टर्मिनल में डीउटी पर तैनात सेक्युर्टी अहलकार कस्टम अफस्रान और हाजियों की खिदमत करने आए नौजवानों को भी ये सब झेलना पड़ा जिसकी उम्मीद नहीं थी। वाज़े हो की झारखंड के आजमीने हज को हज पर रवाना होने के वक़्त भी जहाज कभी अपने मुकर्रर वक़्त पर नहीं उड़ सका। इससे काफी लोग नाराज़ थे और वापसी में भी वही सुरते हाल है। हाजियों के दोस्तों, रिशतेदारों औरतों और बच्चों को हज टर्मिनल के बाहर सर्दी के मौसम में ज़बरदस्त परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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