50 करोड़ की पेशकश वाले ऑडियो क्लिप की SIT जांच का येदियुरप्पा ने किया विरोध

50 करोड़ की पेशकश वाले ऑडियो क्लिप की SIT जांच का येदियुरप्पा ने किया विरोध

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने जेडीएस के एक विधायक को लुभाने की उनकी कथित बातचीत वाले ऑडियो क्लिप मामले की एसआईटी जांच का सोमवार को विरोध किया. येदियुरप्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री के तहत काम करने वाली एजेंसी का इसकी जांच करना उचित नहीं होगा क्योंकि कुमारस्वामी स्वयं इसमें पहले आरोपी हैं. साथ ही उन्होंने मामले पर पार्टी का पक्ष साफ किया कि वे इसकी न्यायिक जांच या सदन की समिति द्वारा जांच चाहते हैं.

येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा, आरोपी के स्थान पर खड़ी सरकार, मुख्यमंत्री जो प्रथम आरोपी हैं…उनके तहत काम करने वाली किसी भी एजेंसी द्वारा जांच करवाना उचित नहीं है. हमारे 104 विधायकों एवं राज्य के लोगों की यह इच्छा है. उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी इस इच्छा को मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखेगी और उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहेगी.

विधानसभा अध्यक्ष का नाम
कुमारस्वामी ने सोमवार को घोषणा की कि उनके द्वारा जारी ऑडियो क्लिप की वह एसआईटी जांच कराएंगे. इस ऑडियो क्लिप में येदियुरप्पा को कांग्रेस-जद (एस) सरकार गिराने के कथित प्रयास में जद (एस) के एक विधायक को लुभाते हुए दिखाया गया है. विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने भावुक होते हुए इस घटनाक्रम की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किये जाने की ‘‘सलाह’’ दी थी क्योंकि इस मामले में उनका नाम भी घसीटा गया. इस सलाह को कुमारस्वामी ने स्वीकार कर लिया.

सीेएम ने जारी किया था क्लिप
कुमारस्वामी ने एक ऑडियो क्लिप जारी की थी जिसमें भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा को कांग्रेस-जद (एस) सरकार गिराने के कथित प्रयास में जद (एस) के एक विधायक को लुभाते हुए सुना जा सकता था. कुमारस्वामी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आरोप को लेकर वह भी ‘दुखी’ हैं और एसआईटी गठित करने के उनके सुझाव को स्वीकार किया जाता है. उन्होंने अध्यक्ष से कहा, ‘मैं सच्चाई का पता लगाने के लिए एक व्यापक जांच के वास्ते एसआईटी का गठन करने के लिए आपकी अनुमति चाहता हूं.

50 करोड़ भुगतान का दावा
कुमारस्वामी ने कहा था कि कथित बातचीत के दौरान येदियुरप्पा ने भाजपा की मदद के वास्ते इस्तीफा देने वाले विधायकों के पक्ष में फैसला देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को ‘50 करोड़ रुपये की पेशकश’ के बारे में भी बात की थी. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को मुख्यमंत्री से ऑडियो क्लिप और एक पत्र मिला था और वह आश्वस्त नहीं थे कि यह आवाज किसकी है. उन्होंने कहा कि कथित बातचीत के दौरान इसमें कहा गया है कि सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने के लिए अनुकूल निर्णय लेने के लिए अध्यक्ष को 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था.

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