Friday , December 15 2017

500-1000 नोट बंद होने से 180 देश के पंद्रह सौ राजनयिक मुश्किल में

नोएडा : 7 नवंबर को भारत आए राजनयिक और प्रतिनिधिमंडल ने अपनी करेंसी को भारतीय करेंसी में बदलवाया था। उन्हें 500 और 1000 के नोट दिए गए थे। मंगलवार रात 12 बजे से इन दोनों नोटों का चलन बंद होने के कारण वह अपनी जरूरत का सामान खरीदने में असमर्थ हैं। इसकी शिकायत कार्यक्रम के आयोजक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से की गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिलाधिकारी से राजनयिकों के नोट बदलवाने की व्यवस्था करने को कहा।

500 और 1000 के नोट बदलने के लिए बैंक में खाता होना जरूरी है। ग्रेटर नोएडा आए 1500 राजनयिकों के भारत में खाते नहीं हैं। इस कारण स्वास्थ्य मंत्रालय से नोट बदलने का निर्देश मिलने पर जिलाधिकारी एनपी सिंह ने असमर्थता जता दी।

जिलाधिकारी की तरफ से असमर्थता जताने के बाद राजनयिकों के नोट बदलने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से संपर्क किया। वित्त मंत्रालय से किसी एक बैंक को बगैर खाता के राजनयिकों के नोट बदलने के निर्देश देने को कहा गया। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि बुधवार शाम वित्त मंत्रालय की तरफ से स्टेट बैंक को राजनयिकों के नोट बगैर खाता बदलने के निर्देश दिए गए। जिसके बाद स्टेट बैंक ने बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में काउंटर खोलने पर सहमति जताई।

मंगलवार रात 12 बजे से ही 500 और 1000 के नोट का चलन बंद हो गया। इस कारण ग्रेटर नोएडा के विभिन्न होटलों में ठहरे राजनयिक परेशान हो गए। होटलों ने 500 और 1000 के नोट लेने से इन्कार कर दिया, जिससे वह खाने-पीने की चीजें भी नहीं खरीद पा रहे थे। डीएम ने कहा कि इसकी जानकारी होने के बाद तत्काल सभी होटलों को निर्देश दिया गया कि वह खाने-पीने की चीजें उधार दें।

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