Wednesday , December 13 2017

59 हजार आसातिजा की करें बहाली

मरकज़ी हुकूमत ने "सर्व शिक्षा अभियान" और क़ौमी मिडिल स्कूल तालीम मुहिम के काम में तेजी लाने को कहा है। रियासत में प्राइमरी और मिडिल सतह पर मरकज़ी स्पोंसर मंसूबों की हालत में बेहतरी करने को कहा गया है। मरकज़ी इंसानी वसाल तरक़्क़ी वज़ीर स्

मरकज़ी हुकूमत ने “सर्व शिक्षा अभियान” और क़ौमी मिडिल स्कूल तालीम मुहिम के काम में तेजी लाने को कहा है। रियासत में प्राइमरी और मिडिल सतह पर मरकज़ी स्पोंसर मंसूबों की हालत में बेहतरी करने को कहा गया है। मरकज़ी इंसानी वसाल तरक़्क़ी वज़ीर स्मृति इरानी ने इस तनाजीर में झारखंड के वजीरे आला हेमंत सोरेन को खत लिखा है।

खत में रियासत के सर्व शिक्षा अभियान के तहत तौविल मंसूबों की जिक्र करते हुए इसे जल्द पूरा करने को कहा गया है। मरकज़ी तालीम वज़ीर ने अपने खत में कहा है कि रियासत में कई अहम मंसूबे ज़ेरे गौर हैं, जिसे बिना रियासती हुकूमत की मदद के पूरा नहीं किया जा सकता। सर्व शिक्षा अभियान और क़ौमी मिडिल स्कूल तालीम मुहिम के तहत रियासत में असातिज़ा के 59,779 ओहदे पर तकर्रुरी होनी है। तकर्रुरी सालों से ज़ेरे गौर हैं।

1,179 नये प्राइमरी और मिडिल स्कूल की तामीर, 31,372 इजाफा क्लास रूम, 4,375 बाइतुल खुला और 151 स्कूलों में पीने के पानी की इंतेजाम का काम ज़ेरे गौर है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत रियासत में 42,436 असातिज़ा की तकर्रुरी भी नहीं हुई। रियासत के हाइ स्कूलों में 22,604 असातिज़ा के ओहदे हैं, जिसमें से 17,343 ओहदे खाली हैं। क़ौमी मिडिल स्कूल तालीम मुहिम के तहत स्कूलों को सिर्फ अपग्रेड किया गया है। इन स्कूलों में न तो असातिज़ा की तकर्रुरी हुई है, न ही तमाम स्कूलों का इमारत बना है। इसमें रियासती हुकूमत के शेयर की कमी का मामला सामने आया है।

मरकज़ी स्कूल के लिए नहीं मिली जमीन

मरकज़ी इंसानी वसायल वज़ीर ने रियासत में सेंट्रल स्कूल खोलने के लिए जमीन नहीं मिलने का मामला भी वजीरे आला के सामने रखा है। मरकज़ी स्कूल तंजीम झारखंड में कई जगहों पर नये स्कूल खोलने की मंजूरी दी है, पर जमीन फराहम नहीं हो पाने की वजह से स्कूल खोलने की अमल नहीं शुरू हो पा रही है। स्कूल के लिए ज़मीन रियासती हुकूमत को दस्तयाब करना है। मौजूदा में रांची, धनबाद, गढ़वा, और भुरकुंडा में सेंट्रल स्कूल खोलने की मंजूरी दी गयी है।

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