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66 वां आलमी तब्लीग़ी इजतिमा खत्म‌

भोपाल में तीन‌ रोज़ा 66 वां आलमी तब्लीग़ी इजतिमा खत्म‌ हुआ, जहां मुसल्मानों की फ़लाह-ओ-बहबूद और मुल्क में अमन-ओ-ख़ुशहाली केलिए रक्त अंगेज़ इजतिमाई दुआ की गई जिस में हिंदुस्तान के इलावा दीगर बैरून-ए-मुमालिक से 11 लाख मुसल्मानों ने शिरकत क

भोपाल में तीन‌ रोज़ा 66 वां आलमी तब्लीग़ी इजतिमा खत्म‌ हुआ, जहां मुसल्मानों की फ़लाह-ओ-बहबूद और मुल्क में अमन-ओ-ख़ुशहाली केलिए रक्त अंगेज़ इजतिमाई दुआ की गई जिस में हिंदुस्तान के इलावा दीगर बैरून-ए-मुमालिक से 11 लाख मुसल्मानों ने शिरकत की।

इख़तताम दुआ हज़रत मौलाना ज़ुबैरुल-हसन ने पढ़ी जिन का ताल्लुक़ निज़ाम उद्दीन मर्कज़, नई दिल्ली से है। अपने ख़िताब के दौरान उन्होंने कहा कि हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा स0 अलैहि वसल्लम ने सब के साथ अच्छे ताल्लुक़ात रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। तीन‌ रोज़ा इजतिमा में जिन उलमाए किराम ने शिरकत की उनके असमा-ए गिरामी इस तरह हैं।

मौलाना ज़ुबैरुल-हसन, मौलाना अहमद लात , मौलाना सादा उलहसन, मौलाना मुस्तक़ीम, मौलाना इस्माईल, मौलाना चिराग़ उद्दीन, मौलाना अली क़ादिर और मौलाना शौकत अली। इन सब ने हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा स0 अलैहि वसल्लम की हयात बा सआदत और उन के अस्वा हुस्ना पर रोशनी डाली। इजतिमा कमेटी के तर्जुमान अतीकुल-इस्लाम ने ये बात कही। इजतिमा के दूसरे रोज़ मौलाना ज़ुबैरुल-हसन ने 500 इजतिमाई शादियां (निकाह) भी अंजाम दीं जहां निकाह की तक़रीब का इंतिहाई सादगी से एहतिमाम किया गया था।

इस सालाना इजतिमा में रूस, ब्रतानी, अमेरिका, मलेशिया, इंडोनेशिया, करग़ज़स्तान, फ़्रांस, मराक़िश, बंगलादेश, श्रीलंका, ईरान, जुनूबी अफ़्रीक़ा और दीगर ममालिक‌ मंदूबीन ने शिरकत की जबकि मध्य प्रदेश के वज़ीर-ए-आला शिव‌राज सिंह चौहान ने इजतिमा के दूसरे रोज़ शिरकत की थी।

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