Monday , December 11 2017

7 फ़ीसद से ज़्यादा शरह तरक़्क़ी के लिए इस्लाहात ज़रूरी:गवर्नर आर बी आई

रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया के गवर्नर ने इस ख़्याल का इज़हार किया कि 7 फ़ीसद शरह तरक़्क़ी सिर्फ़ मुख़्तसर मुद्दत के लिए मुम्किन है लेकिन इस शरह को बेहतर बनाने बड़े पैमाने पर इस्लाहात ज़रूरी हैं।

रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया के गवर्नर ने इस ख़्याल का इज़हार किया कि 7 फ़ीसद शरह तरक़्क़ी सिर्फ़ मुख़्तसर मुद्दत के लिए मुम्किन है लेकिन इस शरह को बेहतर बनाने बड़े पैमाने पर इस्लाहात ज़रूरी हैं।

गवर्नर रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया रग्घू राम राजन ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी का हिंदुस्तान के लिए बेहतरीन एजंडा है। इस से उम्मीदें बहुत ज़्यादा हैं।

इन का ख़्याल हैके हमारे निज़ाम में बड़े पैमाने पर इस्लाहात के ताल्लुक़ से ग़ौर किए बगै़र हम मईशत को तरक़्क़ी की एक वाजिबी शरह तक पहूँचा सकते हैं। वो इंडियन स्कूल आफ़ बिज़नस में तलबा से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद हैके हम जारीया साल के आख़िरी निस्फ़ में या फिर आइन्दा साल तक हम छः फ़ीसद जुमला घरेलू पैदावार और शरह तरक़्क़ी तक पहूंच सकते हैं और इस के बाद से हर साल इस शरह तरक़्क़ी को 7 फ़ीसद किया जा सकता है।

इस शरह को बरक़रार रखने और उसे आली तरीन सतह तक लेजाने हमें ये सूचना चाहीए कि मौजूदा निज़ाम की बुनियादों में किस तरह से इस्लाहात लाई जा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा हुकूमत फ़िलहाल इस बात पर ग़ौर कर रही हैके हम कारोबार के दायरा कार को किस तरह बेहतर बना सकते हैं। किस तरह से लोग आगे बढ़ कर तिजारत शुरू करसकते हैं। उन्होंने कहा कि ज़रूरत ये हैके कारोबार को फलने फूलने आसानीयां फ़राहम की जाएं।

वो समझते हैंके हुकूमत इन मंसूबों पर काम कर रही है। उनके ख़्याल में अगर हम ऐसा कुछ करसकते हैं और सारी कोशिशें बेहतर होसकती हैं तो फिर हम दो हिन्दसी शरह तरक़्क़ी तक भी पहूंच सकते हैं ।

एक सवाल का जवाब देते हुए गवर्नर आड़ बी आई ने कहा कि रिज़र्व बैंक और हुकूमत के माबैन आज़ादाना और ख़ुशगवार ताल्लुक़ात हैं और फ़िलहाल मआशी शोबा को बेहतर बनाने पर तबादला-ए-ख़्याल हो रहा है। एसे कई उमूर पर तबादला-ए-ख़्याल होता है जिस से मुल्क के मुफ़ादात का तहफ़्फ़ुज़ करने में मदद मिलती है। हुकूमत-ओ-बैंक के माबैन कुछ उमूर पर तबादला-ए-ख़्याल चल रहा है।

उन्होंने कहा कि ज़रूरत इस बात की हैके मआशी उमूर को हल करने एक अथॉरीटी तशकील दी जाये ताकि हम एसे मआशी इदारों को बंद करसकें जो मसाइल का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि बाज़ इदारों की कारकर्दगी को बेहतर बनाने की ज़रूरत है।

TOPPOPULARRECENT