7000 करोड़ का लोन माफ़ करने पर जेटली की सफाई

7000 करोड़ का लोन माफ़ करने पर जेटली की सफाई

दिल्ली : अरुण जेटली ने संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में साफ किया कि माल्या का लोन माफ नहीं किया गया बल्कि लोन राइट ऑफ किया गया है। राइट ऑफ करने का मतलब सिर्फ इतना होता है कि बैंक ने अकाउंटिंग बुक में लोन को नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स यानी एनपीए मान लिया गया है। राइट ऑफ करने को लोन की माफी ना समझा जाए। माल्या से लोन की रिकवरी की सारी कोशिशें आगे भी जारी रहेंगी। जेटली ने माल्या का लोन माफ होने की खबरों पर सफाई देते हुए कहा कि ”write off” का मतलब ये बिलकुल ना मानें कि सरकार या बैंक ने कर्ज माफ कर दिया। अभी भी सभी लोन डिफॉल्टर्स को लोन चुकाना होगा। इस कर्ज को माफ नहीं किया गया है और इसे वसूलने की कोशिश जारी रहेगी।

जेटली ने स्पष्ट कहा कि यहां ‘write off’ का मतलब लोन ख़ारिज करना नहीं बस उसे नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) की सूची में शामिल करना भर है। जेटली के मुताबिक सरकार इन सभी लोगों का पीछा नहीं छोड़ने वाली है।

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