Tuesday , June 19 2018

मिस्र: मुर्सी की बरतरफ़ी का विरोध करने वाले 32 जज जबरन रिटायर
मिस्र की सुप्रीम जुडिशियल कौंसिल ने बत्तीस जज साहिबान को जबरी रिटायर कर दिया है। इन जज साहिबान का क़सूर ये है कि उन्होंने जुलाई 2013 में मुसल्लह अफ़्वाज के सरब्राह अब्दुल फ़तह अल सीसी के हाथों मुल्क के पहले मुंतख़ब सदर डॉक्टर मुहम्मद मर्सी की बरतरफ़ी की हिमायत नहीं की थी।

कौंसिल के एक सीनियर ओहदेदार ने अपनी शनाख़्त ज़ाहिर ना करने की शर्त पर बताया है कि आज (सोमवार को) सुप्रीम जुडिशियल कौंसिल ने बत्तीस जजों को सियासत में मुदाख़िलत और एक मख़सूस पार्टी की हिमायत की पादाश में जबरी रिटायर कर दिया है।

कौंसिल ने गुज़िश्ता हफ़्ते भी इसी तरह का इक़दाम करते हुए पंद्रह जजों को इन्ही वजूहात की बिना पर बरतरफ़ कर दिया था। इन तमाम जजों को मार्च 2015 में कौंसिल के एक निचले पैनल ने जबरी रिटायर करने का हुक्म दिया था और वो तब से मुअत्तल चले आ रहे थे। कौंसिल ने मातहत पैनल का जजों की बरतरफ़ी का फ़ैसला बरक़रार रखा है।

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