Tuesday , January 23 2018

पश्चिम बंगाल: 24 परगना में मुसलमानों पर हमला, बड़ी संख्या में पलायन

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना के हाजी नगर मारवाड़ी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से सांप्रदायिक झड़प जारी है जिसमें 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, 100 से अधिक दुकानें जलाकर राख़ कर दिए गए और दर्जनों घरों को नष्ट कर दिया गया है जिसकी वजह से इस क्षेत्र के मुस्लिम दहशत में हैं और लगभग 500 मुसलमान अपने अपने घर छोड़कर मुस्लिम बहुल क्षेत्र या फिर कलकत्ता शहर में शरण लेने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस दंगे के पीछे फॉरवर्ड ब्लॉक के एक नेता जिनके दोनों बेटे अब आरएसएस और भाजपा से जुड़े हैं उनका हाथ है।

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न्यूज़ नेटवर्क समूह प्रदेश 18 के अनुसार पिछले तीन दिनों से यहां लगातार बम फेंकने, दुकानों को आग लगाने और घरों को लूटने का सिलसिला जारी है। कल दोपहर भी पुलिस और दंगाइयों के बीच झड़प हुई जिसमें पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।
मिल्ली एकता परिषद के महासचिव अब्दुल अजीज ने बताया कि मुहर्रम के दसवें दिन को हाजी नगर के मुसलमान मुहर्रम का जुलूस निकालने के लिए दंगों के डर की वजह से प्रसन्न नहीं थे मगर पुलिस के जोर देने पर आशूरा के दिन मुहर्रम का जुलूस निकला जिस पर दंगाइयों ने पुलिस की मौजूदगी में आठ बम फेंके जिसके कारण भगदड़ मच गई और लगभग चालीस पचास आदमी घायल हो गए। और तभी से यह ख़ूनी सिलसिला जारी है.
स्थानीय लोगों के अनुसार यह सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है. पूजा से पहले स्थानीय लोगों की बैठक में ही इस चिंता का व्यक्त किया गया था कि कुछ लोग यहां दंगे कर सकते हैं, लेकिन उस समय स्थानीय प्रशासन ने उस पर गंभीरता से विचार नहीं किया। मारवाड़ी क्षेत्र से आरएसएस से संबंध रखने वाले दो लोग भाजपा के टिकट पर पार्षद हैं इस वजह से इस क्षेत्र में आरएसएस के प्रभाव हैं. जमशीद जो हाजी नगर में व्यापारियों के समिति के महासचिव हैं ने बताया कि स्थानीय से अधिक बाहरी लोग यहां आए हुए हैं और उनके द्वारा हमला किया जा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि स्थानीय थाना पूरी तरह से विफल हो चुका है. जन प्रतिनिधि भी हमारी मदद नहीं कर पा रहे हैं मदद करने को आए नगर पालिका के चेयरमैन अशोक चटर्जी पर भी हमला किया गया है, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए हैं
उनके मुताबिक़ डॉक्टर शफीक अंसारी के दोनों पैर काट दिए और उन्हें अधमरा छोड़ कर दंगाई भाग खड़े हुए थे। आज उनकी मौत हो गई है.
गौरतलब है कि कल एडिशनल डाइरेक्टर जनरल (लॉ एंड ऑर्डर) मनोज शर्मा ने कहा था कि यह मामूली घटनायें हैं इसे दंगे का नाम देना उचित नहीं है। इस तरह की घटनायें हर साल उत्पन्न होते हैं और स्तिथि सामान्य हो जाती है। माकपा के प्रदेश महासचिव डॉ। सूर्य कांत मिश्रा ने ममता बनर्जी पर सांप्रदायिक एकता का वातावरण बनाए नहीं रखने का आरोप आयद करते हुए कहा कि ममता बनर्जी शांति और व्यवस्था कायम करने में नाकाम रही हैं। उन्होंने वामदलों के दौर में भी सांप्रदायिकता को फैलाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया था।

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