9 महिलाओं ने राष्ट्रपति और पीएम मोदी को भेजीं अर्धनग्न तस्वीरें, इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी

9 महिलाओं ने राष्ट्रपति और पीएम मोदी को भेजीं अर्धनग्न तस्वीरें, इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी

धनबाद: झारखंड के धनबाद में नौ महिलाओं ने दामोदर घाटी निगम द्वारा कथित तौर पर विस्थापन के एवज में लगभग सत्तर वर्ष बाद भी अपने परिवार के किसी व्यक्ति को नौकरी नहीं देने के विरोध में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और इसी अवस्था में अपनी तस्वीरें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश एवं अन्य को भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। घटवार आदिवासी महासभा के सलाहकार रामाश्रय प्रसाद सिंह ने बताया कि कई दशक तक न्याय पाने के लिए दर दर भटक चुकी धनबाद में रह रही दामोदर घाटी परियोजना से विस्थापित परिवार की नौ महिलाओं ने चार दिसंबर को अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया था।

उन्होंने बताया कि इन महिलाओं ने अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को अपनी मांगों के पोस्टरों से ढक कर प्रदर्शन किया था। उसी तस्वीर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित करवा कर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। महासभा का दावा है कि वर्ष 1953 से 1956 के बीच दामोदर घाटी परियोजना के लिए 240 गावों के बारह हजार परिवारों से 38 हजार एकड़ भूमि अधिगृहीत की गई थी जिसमें धनबाद, पुरुलिया एवं जामताड़ा जिलों के लोग मुख्य रूप से प्रभावित हुए थे। इस बीच जिला प्रशासन ने इस घटनाक्रम से जहां अनभिज्ञता व्यक्त की है वहीं विस्थापितों के नेताओं ने दावा किया है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में विस्थापित महिलाएं एवं पुरुष इस तरह के आंदोलन में भाग लेने को मजबूर होंगे।

झारखंड में आदिवासी महासभा के नेता रामाश्रय सिंह ने एक और काम किया उन्होंने आदिवासी महिलाओं की निर्वस्त्र तस्वीरें खींची और उन्हें सोशल मीडिया पर भी डाल दिया, इसके बाद ये तस्वीरें वायरल हो गईं। अब रामाश्रय का जमकर विरोध हो रहा है। ये तस्वीरें रामाश्रय ने डीवीसी में बच्चों की नौकरी के लिए प्रदर्शन कर रही महिलाओं से ये कहकर खींची थीं कि इन्हें सरकार को भेजा जाएगा ताकि सरकार का ध्यान उनके प्रदर्शन पर जाए। फेसबुक पर डालने से हुईं वायरल रामाश्रय ने ये तस्वीरें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन के साथ भेजीं। आदिवासी महिलाओं की तस्वीरें रामाश्रय मिश्रा ने सिर्फ इस शर्त पर खिंचवाई थीं कि यह राज्य सरकार को भेजी जाएंगी लेकिन उसने सरकार को तस्वीरें भेजी तो सही साथ ही उन्हें फेसबुक अकाउंट पर डाल दिया, जिससे ये तस्वीरें वायरल हो गई। नेट पर आदिवासी महिलाओं की नग्न तस्वीरों की बात आदिवासी समाज को पता चली तो इसको लेकर विरोध शुरू हो गया है। रामाश्रय के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की भी मांग हो रही है।

रामाश्रय तस्वीरों के फेसबुक पर पोस्ट करने पर रामाश्रय मिश्रा ने कहा है कि मैंने फोटो सोशल मीडिया पर डालकर गलती की, इसके लिए माफी चाहता हूं। जो हुआ मैं उससे दुखी हूं। रामाश्रय ने कहा है कि उन्होंने सभी फोटो सोशल मीडिया से हटा ली हैं।

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