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ईसाई धर्म में हजरत ईसा के मकबरे का क्या है खास इतिहास!

यरूशल। यरूशलम में 200 साल बाद ग्रीक रेस्टोरेशन टीम ने ईसा मसीह के मकबरे के जीर्णोद्धार ( रेस्टोरेशन ) का काम इसी साल पूरा किया। यह जगह इस्राइल में यरुशलम के ‘चर्च ऑफ द हॉली स्पल्चर’ में मौजूद है।

कहा जाता है कि इसी चर्च में वो चट्टान है, जिस पर 33वीं ईसवी में ईसा मसीह को दफनाने के लिए रखा गया था। ये चर्च ईसाई समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और दुनियाभर से लोग यहां पहुंचते हैं। इसे गोलगोथा और द प्लेस ऑफ स्कल के नाम से भी जाना जाता है।

रेस्टोरेशन का काम शुरू करने से पहले श्राइन को काले कपड़ों से ढक दिया गया था। यहां का स्ट्रक्चर बहुत पुराना हो चुका था, जिसके चलते इसके गिरने का खतरा मंडराने लगा था।

वर्ल्ड मॉन्युमेंट फंड के बोनी बुर्नहम ने कहा कि अगर अभी इसकी जीर्णोद्धार का काम नहीं किया जाता तो इसके गिरने का खतरा बढ़ जाता। बोनी ने कहा कि जीर्णोद्धार के काम में करीब 26 करोड़ रुपए का खर्च आया है, जिसे लिए दुनियाभर से डोनेशन पहुंचीं।

मान्यताओं के अनुसार, यहूदियों के उच्च धर्माध्यक्ष और प्रचीन इस्राइल की सुप्रीम काउंसिल ने ईशनिंदा का दोषी पाते हुए ईसा मसीह को मौत की सजा सुनाई गई थी।

तब इस्राइल के येरुशलम (अब इस्राइल की राजधानी) में जिस जगह पर चर्च ऑफ होली सैपल्कर बना है, वहीं उन्हें सूली पर चढ़ाया गया (क्रूसीफिकेशन) था और बाद में वहीं दफना दिया गया। उन्हें पहली सदी में ही सूली पर चढ़ाया गया था। इस जगह की पहचान चौथी सदी में ही हो गई थी।

टॉम्ब पर ईसा मसीह की कब्र और उनके पुनर्जीवित होने की जगह मानता इसकी पहचान एक ऐसे जगह के तौर पर की गई, जहां शहर की दीवार के बाहर एक वीरान पत्थर की खदान है।

ईसा मसीह के सूली पर चढ़ाए जाने के करीब 10 साल बाद इस जगह को तीसरी दीवार बनाकर घेर दिया गया। हालांकि, ईसाई समुदाय मौजूदा वक्त में गार्डन टॉम्ब पर ईसा मसीह की कब्र और उनके पुनर्जीवित होने की जगह मानता है।

इस जगह की खोज 1867 में हुई, जिसके बाद 1894 से गार्डन टॉम्ब और इसके आस-पास के बगीचों का ईसाइयों के धार्मिक स्थल के तौर पर रख-रखाव किया जा रहा है।

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