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तीन तलाक़ पर बिल लाकर बीजेपी राजनितिक फायदा लेना चाहती है

नई दिल्‍ली। तीन तलाक पर लोकसभा में बिल पास होने के बाद फायदे नुकसान का गुणा भाग शुरू हो गया है. इसी आधार पर सभी पार्टियों की ओर से प्रतिक्रियाएं भी आईं. हालांकि ज्‍यादातर ने सधे हुए बयान ही दिए. भाजपा ने इस मुद्दे को खुलकर उठाया था, इसलिए उसकी ओर करीब-करीब हर बड़े नेता ने बयान दिया.

राजनीतिक विश्‍लेषकों का ऐसा अनुमान है कि इस मुद्दे का सबसे ज्यादा फायदा भाजपा को होगा. भाजपा इस मुद्दे को आने वाले 15 राज्यों के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में और जोर-शोर से उठाएगी. इससे उसे मुस्लिम महिलाओं और युवाओं का बड़ा समर्थन मिल सकता है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पहले ही 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा के 360 से ज्‍यादा सीटें जीतने का दावा कर चुके हैं.

आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इस फैसले से भाजपा को लोकसभा की 218 सीटों पर अगले चुनावों में फायदा हो सकता है. इतना ही नहीं अगले दो साल में आने वाले 15 राज्‍यों की 166 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां केंद्र में सत्‍ताधारी भाजपा बड़े फायदे में रह सकती है.

लोकसभा की 543 सीटों में से 145 सीटें ऐसी हैं, जिन पर 11 से 20 फीसदी मुस्लिम आबादी है. 35 सीटें ऐसी हैं जिन पर मुस्लिम आबादी 30% से ज्यादा है. देश में सबसे ज्यादा 9 लोकसभा सीटें पश्चिमी बंगाल में हैं. यहां 30% से ज्यादा मुस्लिम आबादी है. इसके अलावा यूपी में 8, केरल में 4, असम में 4 और बिहार में 3 ऐसी सीटें हैं.

यानी, कोर्ट के तीन तलाक पर फैसले से भाजपा को 218 सीटों पर फायदा हो सकता है. वहीं, जिन 15 राज्यों में 2019 से पहले या साथ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उनमें 8 राज्य ऐसे हैं, जहां 5% से ज्यादा मुस्लिम आबादी है. इन 15 राज्यों में कुल 1747 विधानसभा सीटें हैं, इनमें करीब 166 सीटें मुस्लिम बहुल हैं.

यानी करीब 10.52% सीटों पर मुस्लिम आबादी अहम भूमिका निभाती है. ट्रिपल तलाक पर फैसले से भाजपा को आने वाले विधानसभा चुनावों में इन सीटों पर भी मुस्लिम मतदाताओं का साथ मिल सकता है.

फिलहाल, जिन दो प्रमुख राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उनमें गुजरात और कर्नाटक शामिल हैं. गुजरात में 34 सीटें और कर्नाटक में 40 मुस्लिम बहुल सीटें हैं.

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