Wednesday , September 26 2018

9/11: चौदह साल बाद भी यादें ताज़ा

ग्यारह सितंबर के दहशत गर्दाना हमलों की ख़ौफ़नाक यादें गेरी समीली के ज़हन पर नक़्श हो चुकी हैं। वो वाक़ियात एक आसीब की सूरत में उस का अब भी पीछा करती हैं और वो अपने ज़हन को इस से अब भी आज़ाद नहीं कर सका है।

ग्यारह सितंबर 2001 को जब वर्ल्ड ट्रेड सैंटर के शुमाली टावर से पहला तैयारा टकराया था और इस में सुराख़ हुआ था तब पैरा मेडिकल अमले के इमदादी कारकुन गेरी समीली को ओवर टाइम करना पड़ा था।

अपने साथीयों, फ़ायर ब्रिगेड के अमले, पुलिस अहलकारों और मुतअद्दिद रज़ाकारों के साथ मिलकर गेरी समीली ने मुम्किना तादाद में इन्सानों को बचाने की कोशिश की थी। वो नाइन इलेवन के वाक़ियात को याद करते हुए कहता है: जैसे ही दूसरे टावर पर हमला हुवा मैं ने एक ख़ातून को बचाने की कोशिश की और हम दोनों ही इस ख़तरनाक लम्हे से बच कर निकलने में कामयाब हो गए।

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