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मोदी जी, नकारात्मक पत्रकारिता तो बीजेपी के लिए संजीवनी है- अभिसार शर्मा

प्रधानमंत्री मोदी के मौजूदा पत्रकारिता पर दिए बयान पर वरिष्ठ टीवी पत्रकार अभिसार शर्मा ने जमकर हमला बोला है। अभिसार शर्मा ने अपने फेसबुक पर एक ब्लॉग के जरिए अपनी बात जाहिर की है।

अभिसार शर्मा ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा- क्यों करते हो नकारात्मक पत्रकारिता, पूछा मीडिया से मोदीजी ने, पूर्व राष्ट्रपति कलाम का हवाला देते हुए. सही कहा आपने… विपक्ष को “कसाब” बताएं अमित जी, मगर नकारात्मक हम? बगैर पद्मावती देखे,बीजेपी की राज्य सरकार करें बैन, मगर नकारात्मक मीडिया?

विपक्ष को “कसाब” बताएं अमित जी, मगर नकारात्मक हम?अमितजी ने तो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को नमूना बता दिया. ये शालीन है … सकारात्मक है ? ये एक पार्टी के अध्यक्ष की भाषा है ? बगैर पद्मावती देखे, बीजेपी की राज्य सरकार करें बैन, मगर नकारात्मक मीडिया?

आपके पिछलग्गू चैनल राहुल गांधी के पिता की “चिता की तसवीर” दिखा कर ये सवाल करें के राहुल तुम हिंदू हो या नहीं? जब आप खुद उत्तर प्रदेश के चुनावों मे देश के प्रधानमंत्री होते हुए श्मशान कब्रिस्तान की बातें करते हैं. जब आपके खास चैनल सिर्फ खबर के नाम पर “मुस्लिम धुलाई” का काम करते हैं, जैसे देश मे किसानों और दलितों की अनदेखी का मुद्दा है ही नहीं?

एक और चैनल ने गाय के उपचार को गाय की कटाई कह कर दिखा दिया. ये चैनल भी आपकी जय जय कार करता रहता है. दरअसल चैनल की नकारात्मक पत्रकारिता का फायदा आपकी पार्टी को ही होता है, लिहाज़ा ऐसी बात करने से पहले सोच लीजिए.. नेगेटिव पत्रकारिता का सिर्फ और सिर्फ अपको फायदा होता है!

सच तो ये है के नकारात्मकता आपकी संजीवनी हो गयी है. स्वतंत्र भारत के इतिहास शायद ही पहले कभी ऐसा हुआ होगा के सत्ता में बैठी सरकार नकारात्मक सियासत पर अपना इंजिन चलाती हो.

मैं ये भी जानता हूं के देश की जनता आपकी इस सियासत का बार बार अनुमोदन कर रही है, मगर वो भी नहीं जानते के इसका हमारी आने वाली पीढ़ियों पर क्या असर पड़ रहा है.

अगर प्रमाण चाहिए तो गुजरात मे आप बीजेपी के सियासी तेवरों को देख लीजिए. क्या मुद्दे हैं बीजेपी के? और कहां है गुजरात मॉडल? अगर कैटवॉक (Catwalk) खतम हो जाए तो मुद्दों पर भी आ जाइएगा!

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