Saturday , September 22 2018

अभिसार शर्मा का ब्लॉग- ‘चलो बीजेपी, मोदी जी की इज्ज़त का सवाल है’

“इनकम टैक्स विभाग, वित्त मंत्रालय के अंतर्गत ही आता है ना? बनाना रिपब्लिक है क्या? लेफ्ट हाथ को नहीं पता के राइट हाथ क्या कर रहा है? गज़ब है यानी के!”

शोले फ़िल्म का वो सीन वो डायलाग याद कीजिये… बसंती के पीछे गब्बर सिंह के डाकू पड़े होते हैं और बसंती अपनी घोड़ी से गुहार लगाती!!! चल धन्नो, आज तेरी बसंती की इज्जत का सवाल है!

खुद आयकर विभाग कहता है के पीएनबी घोटाला 20,000 करोड़ का है, मगर BJP और उसके नेता इसे 1000 करोड़ का बताने में जी-जान लगे हुए हैं। सबसे हास्यास्पद बात ये कि खुद वित्त मंत्रालय अपने ही विभाग की रिपोर्ट को गलत बता रहा है। ऐसा सुना है कभी? कि वित्त मंत्रालय अपने नीचे आने वाले इनकम-टैक्स विभाग की रिपोर्ट को गलत बता रहा हो!

मोदीजी दिक्कत ये है कि आपने खुद को देश का चौकीदार बताया था। कांग्रेस ने नहीं। अब पीएनबी घोटाले ने साफ कर दिया है के चौकीदारी फेल, नाकाम हो गयी।

गौर कीजिए क्या कहता है इनकम टैक्स विभाग का ये लिखित दस्तावेज़ और क्या जवाब है वित्त मंत्रालय का ।

बकौल इनकम टैक्स विभाग नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने 13,066 करोड़ का लोन लिया, मगर गारंटी सिर्फ 4000 करोड़ की दी। आखिरकार बैंक को करीब 20,000 करोड़ की मार पड़ सकती है!

जवाब में अपनी-ही रिपोर्ट के बारे में वित्त मंत्रालय लिखता है

“News appearing in certain section of media that Tax Department has estimated that Indian banks could take a hit of more than $3 bn due to alleged fraud at PNB, is false & factually incorrect। @IncomeTaxIndia has NOT made any such prediction। @adhia03 @ReutersIndia @PTI_News”

यानी के अपनी ही रिपोर्ट को, अपने ही विभाग को गलत और तथ्यहीन बता दिया! अच्छा? इनकम टैक्स विभाग, वित्त मंत्रालय के अंतर्गत ही आता है ना? बनाना रिपब्लिक है क्या? लेफ्ट हाथ को नहीं पता के राइट हाथ क्या कर रहा है? गज़ब है यानी के!

सारी कवायद मोदीजी की छवि को बेदाग रखने की है
असली मुद्दा तो यह है कि सारी कवायद मोदीजी की छवि को बेदाग रखने की है। BJP के नेता मुझे बताते हैं के अगर कोई बड़ा आंकड़ा जनता के दिमाग में समा जाता है तो चुनाव में उसी आंकड़े के साथ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल BJP की धुलाई करेंगे। जैसे 2G SCAM! अब विनोद राय का आंकड़ा बेशक गलत रहा हो, मगर कांग्रेस के साथ तो चिपक गया था ना? यही कोशिश अब मोदीजी के सिलसिले में दोनों पक्षों की तरफ से हो रही है। मनमोहन तो कम से कम बीच बीच में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भी देते थे, मगर मौन रहने में मोदीजी ने तो अगले-पिछले तमाम रिकॉर्ड तोड़ डाले। मोदीजी बोलते हैं, मगर अपनी शर्तों पर। मन की बात। जय हो।

लेकिन मोदीजी दिक्कत ये है कि आपने खुद को देश का चौकीदार बताया था। कांग्रेस ने नहीं। अब पीएनबी घोटाले ने साफ कर दिया है के चौकीदारी फेल, नाकाम हो गयी। यह संदेश जा रहा है। कुछ एक आध चैनल और सोशल मीडिया में तो ज़ोरदार तरीके से! मोदीजी के बारे में Jokes और मज़ाक की तो मानो सुनामी है इस वक़्त और BJP को यही डर सता रहा है कि जनता में ठीक संदेश नहीं जा रहा।

हैरत की बात ये पूर्व CAG प्रमुख विनोद राय खामोश हैं। बिल्कुल चुप। वही, 2G घोटाले मे 1।76 लाख करोड़ की रकम बताने वाले। माना पदों की बरसात कर दी मोदीजी ने आप पर, मगर रीढ़ नाम की चीज़ बाक़ी है के नहीं सर ? आपने तो यानी गज़ब ढ़ा दिया।

खैर जनता में संदेश तो जा रहा है, मगर देखना ये है के इसे भटकाने के लिए बीजेपी और कौन सा खेल खेलती है। घरेलू चाणक्य कब काम आएंगे?

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