सबरीमाला मंदिर का आन्दोलन चलाने वाली ‘रेहाना’ को मुस्लिम संगठन ने इस्लाम से खारिज किया

सबरीमाला मंदिर का आन्दोलन चलाने वाली ‘रेहाना’ को मुस्लिम संगठन ने इस्लाम से खारिज किया


केरल के मुस्लिम संगठन ने रेहाना फातिमा को इस्लाम से बेदखल कर दिया है। शनिवार की सुबह-सुबह आए इस फैसले से महिलाओं के तमाम संगठनों में हड़कंप मच गया है। फातिमा तब चर्चा में आई थीं, जब वे सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने जा रही थी और भारी विरोध के बाद उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा।

रेहाना फातिमा का विवादों से गहरा नाता रहा है और यह कोई पहली बार नहीं है, जब वह चर्चा में आई हैं। मार्च 2018 में कोझिकोड के एक प्रोफेसर के शर्मनाक बयान के विरोध में फातिमा ने अपने स्तनों को तरबूज से ढक फेसबुक पर अपनी फोटो पोस्ट की थी।

हालांकि, कुछ देर बाद उसे हटा दी थी। बता दें कि फारूक ट्रेनिंग कॉलेज में प्रोफेसर जौहर मुनव्विर ने एक कार्यक्रम में कहा था कि मुस्लिम लड़कियां हिजाब नहीं पहनती हैं और तरबूज के टुकड़े की तरह अपना सीना दिखाती हैं। उन्होंने कहा था कि सीना महिलाओं का ऐसा हिस्सा है जो पुरुषों को आकर्षित करता है और इस्लाम इसे ढककर रखना सिखाता है।

रेहना फातिमा ने इस बयान का विरोध किया था। उसके बाद दो दिन पहले केरल की वुमन एक्टिविस्ट रेहाना फातिमा को पुलिस की घेराबंदी में सबरीमाला के अयप्पा मंदिर में ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन मदिंर के पुजारियों ने कपाट बंद करने की धमकी दे दी, जिसके बाद पुलिस और रेहाना को वापस लौटना पड़ा।

वहीं मंदिर प्रवेश को लेकर फातिमा के घर कोच्चि में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ भी की थी। अब शनिवार को केरल के मुस्लिम संगठन ने रेहाना फातिमा को इस्लाम से बेदखल कर दिया है।

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