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AFSPA मुआमला : उमर अबदुल्लाह फ़ौज को क़ानूनी तहफ़्फ़ुज़ देने तैय्यार

जम्मू २५ नवंबर (पी टी आई) वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर जो रियासत में फ़ौज के ज़ाइद इख़्तयारात ख़तन करने इंतिहाई संजीदा हैं और उसे मंसूख़ करने में दिलचस्पी रखते हैं, ने आज इस मुआमला में एक और अहम ब्यान देते हुए कहा कि फ़ौज के ज़ाइद इख़्तयारात

जम्मू २५ नवंबर (पी टी आई) वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर जो रियासत में फ़ौज के ज़ाइद इख़्तयारात ख़तन करने इंतिहाई संजीदा हैं और उसे मंसूख़ करने में दिलचस्पी रखते हैं, ने आज इस मुआमला में एक और अहम ब्यान देते हुए कहा कि फ़ौज के ज़ाइद इख़्तयारात के ख़ातमा के बाद हुकूमत रणबीर पैनल कोड में मामूली तरमीम करते हुए उसे CrPC के मुमासिल बताते हुए फ़ौज को क़ानूनी तहफ़्फ़ुज़ फ़राहम करने तैय्यार है।

उन्होंने कहा कि तारमड फोर्सेस स्पैशल पावर्स ऐक्ट (ADSPA) को मंसूख़ करने का क़तई फ़ैसला रियास्ती गवर्नर ही करसकते हैं। गुज़शता शब अख़बारी नामा निगारों से बातचीत करते हुए उम्र अबदुल्लाह ने कहा कि सीकोरीटी फोर्सेस ने इस जानिब निशानदेही की है जहां मुल़्क की दीगर रियास्तों में जहां फ़ौज को क्रीमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) के तहत क़ानूनी तहफ़्फ़ुज़ हासिल है जिस का जम्मू-ओ-कश्मीर की आर पी सी पर नफ़ाज़ नहीं होता।

लिहाज़ा अहम आर पी सी को CrPC के मुमासिल करने इस में मामूली तरमीम करने तैय्यार हैं ताकि फ़ौज को लाहक़ शकूक-ओ-शुबहात दूर होजाएं। उन्हों ने मज़ीद कहा कि जैसा दीगर रियास्तों में CrPC के तहत फ़ौज तमाम इख़्तयारात की हामिल है बिलकुल वही इख़्तयारात वो जम्मू-ओ-कश्मीर में भी मुतआरिफ़ करवाना चाहते हैं।

उन्हों ने कहा कि फ़ौज को अपनी कार्रवाई (ऑप्रेशन) के मौक़ा पर तमाम तर तहफ़्फुज़ात मुहय्या कराने आर पी सी में तरमीम की जा सकती है। याद रहे कि 9 नवंबर को गुज़शता उनीफाइड् कमांड इजलास जिस की सदारत उमर अबदुल्लाह ने की थी, सी आर पी एफ़ ने रियास्ती में CrPC के नफ़ाज़ की ख़ाहिश की थी क्योंकि AFSPA की बर्ख़ास्तगी की सूरत में फ़ौज को अपने ऑपरेशंस केलिए क़ानूनी तहफ़्फ़ुज़ दरकार है।

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