कानून बनने के बाद भी नहीं रुक रहा है एक साथ तीन-तलाक़ का मामला!

कानून बनने के बाद भी नहीं रुक रहा है एक साथ तीन-तलाक़ का मामला!

निकाह के डेढ़ माह के बाद रोजगार की तलाश में दक्षिण अफ्रीका गए युवक ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर टेलीफोन के जरिए ही अपनी पत्नी को तलाक दे दिया। पीड़िता शमशीर जहां ने एसपी को शिकायती पत्र देकर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है।

एक अन्य मामले में शहजाद नगर थाना क्षेत्र के गांव डुंडई निवासी शाइस्ता को उसके पति इस्तेकार ने दहेज के लिए तीन तलाक दे दिया। पति समेत नौ पर मामला दर्ज किया गया है।

अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, शिकायती पत्र के अनुसार सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अजीतपुर गांव निवासी शमशीर जहां की शादी नौ सितंबर 2012 को उत्तराखंड के बाजपुर थाने के अंतर्गत किला खेड़ा के रिजवान के साथ हुई थी। शादी के डेढ़ माह के बाद ही रिजवान रोजगार के लिए दक्षिण अफ्रीका चला गया था। दो साल बाद लौटा, लेकिन 22 दिन बाद चला गया।

आरोप है कि ससुराल पक्ष दहेज से खुश नहीं था। बुलेट मोटर साइकिल की मांग कर रहा था। 14 माह पहले ससुरालियों ने पीटकर शमशीर जहां को घर से निकाल दिया।

इस दौरान रिजवान अपने घर आया और 40 दिन रहकर अपने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराकर चला गया। शमशीर जहां से संपर्क तक नहीं किया। जब उसके परिजनों ने उससे उधमसिंह नगर में रहकर कारोबार करने की सलाह दी तो उसने शमशीर जहां के घर वालों से 10 लाख रुपये की मांग कर दी।

शमशीर जहां के भाई ने रिजवान को 50 हजार रुपये भी दिए, लेकिन ससुराल वालों के रवैये में कोई सुधार नहीं आया। इसके बाद शमशीर जहां ने महिला थाने में शिकायत कर दी। वहां समझौता नहीं हो पाया। रिजवान का पांच अगस्त को दक्षिण अफ्रीका से फोन आया।

उसने शमशीर जहां से कहा कि तुमने पुलिस में मेरी शिकायत करके गुनाह किया है। तुमको मैं अपनी जिंदगी से अलग करता हूं और फोन पर तीन बार तलाक-तलाक बोलकर रिश्ता खत्म होने का एलान करता हूं।

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