कर्नाटक चुनाव: क्या TRS और AIMIM सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए JDS का समर्थन कर रही है?

कर्नाटक चुनाव: क्या TRS और AIMIM सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए JDS का समर्थन कर रही है?

कर्नाटक चुनाव में नया मोड़ आ गया है। ओवैसी की पार्टी ने देवगौड़ा की पार्टी का समर्थन करने का ऐलान किया है। इससे पहले तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव ने देवगौड़ा के लिए चुनाव प्रचार और रैलीयां की थी। लेकिन सवाल है।

क्या चंद्रशेखर राव की पार्टी टीआरएस और ओवैसी की पार्टी एमआईएम सांप्रदायिक हिंसा करने वाली पार्टियों को हराने के लिए फैसला लिया है? क्या इनके यह राजनीति कदम सेकयुलर पार्टीयों के लिए सही कदम है? या उन्हें फैयदा पहुंचेगा?

कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस को सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है। सर्वेक्षणों में कांग्रेस फिर से सत्ता में वापस आती दिखाई दे रही है। वहीं बीजेपी हिन्दुत्व के एजेंडे पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। वह खुद को सत्ता में आने का दावेदारी ठोक रही है।

मालूम हो कि कनार्टक चुनाव से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कर्नाटक चुनाव से अपने कदम पीछे लेते हुए ऐलान किया है कि वे इस चुनाव में जनता दल सेक्‍युलर (जेडीएस) का समर्थन करेंगे।

रविवार को ओवैसी की ओर से खबर मिली थी कि उनकी पार्टी चुनाव मैदान में नहीं उतरेगी। वहीं इससे पहले पार्टी ने कर्नाटक चुनाव में भाग लेने की बात कही थी।

रविवार को ओवैसी ने पार्टी नेताओं से चर्चा करने के बाद कर्नाटक चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। जिसके बाद अब उन्‍होंने जेडीएस को समर्थन की बात कही है।

गुजरात के कुछ इलाकों में एआईएमआईएम काफी मजबूत मानी जाती। बताया जा रहा है कि इसी के चलते पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट भी तैयार कर ली थी।

अपने इस फैसले का ऐलान करते हुए ओवैसी ने बीजेपी को फायदा पहुंचाने वाले सभी आरोपो को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि हम पर आरोप है कि हम वोट काट कर बीजेपी को फायदा पहुंचा रहे हैं. ये सारे आरोप बेबुनियाद है।

उन्होंने कहा हमने न तो गुजरात चुनाव लड़ा और न ही झारखंड या जम्मू कश्मीर का चुनाव। हमने उत्तर प्रदेश का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा, वहां कांग्रेस का क्या हुआ?

कनार्टक चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस के बीच है। कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों पर 12 मई को मतदान कराया जाएगा और इसकी काउंटिंग 15 मई को होगी।

Top Stories