लैंडिंग सिस्टम फेल, खराब मौसम, तेल खत्म, फिर भी एयर इंडिया की फ्लाइट के पायलटों ने बचाए 370 यात्री

लैंडिंग सिस्टम फेल, खराब मौसम, तेल खत्म, फिर भी एयर इंडिया की फ्लाइट के पायलटों ने बचाए 370 यात्री

11 सितंबर 2018 को नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट- बोइंग 777 AI-101 में सवार क्रू समेत 370 लोगों को यह तारीख हमेशा याद रहेगी. जब फ्लाइट के पायलटों ने सैकड़ों लोगों को मौत के मुंह से निकाला था. इस विमान के पायलट और सह पायलट ने आपातकालीन स्थिति में आश्चर्यजनक तरीके से विमान को लैंड कराया जिनके लिए उनकी काफी प्रशंसा हो रही है.

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़े विमान में न्यूयॉर्क में जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट पर लैंड करने से ठीक पहले तकनीकी खामी आ गई थी, मौसम खराब था और विमान में ईंधन भी खत्म होने की कगार पर था. इसके बावजूद सूझबूझ और साहस के साथ विमान के पायलटों ने सही समय पर उचित फैसला लिया और सभी यात्रियों को सकुशल जमीन पर उतारा.

नई दिल्ली से न्यूयॉर्क के बीच की यह फ्लाइट करीब 15 घंटों लंबी होती है. 11 सितंबर को एयर इंडिया की इस फ्लाइट के तीन में से दो रेडियो ऑल्टीमीटर, टी-कैस सिस्टम और ऑटो लैंड फीचर फेल हो गए थे. इंडिया टुडे के पत्रकार और ट्रेन्ड पायलट नागार्जुन द्वारकानाथ ने बताया कि इस तकनीक से पायलट सीधे रनवे पर उतार सकते हैं. वरना उन्हें अपनी आंखों से देखकर लैंडिंग करनी होगी.

इन तमाम खामियों , खराब मौसम और खत्म होते ईंधन के बीच पायलटों ने विमान को न्यूयॉर्क के ही नेवार्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला किया. इस एयरपोर्ट पर किसी अनहोनी से निपटने के लिए पहले ही कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया था. एयर इंडिया के विमानों को जैसे ही विमान में आई खामियों की जानकारी हुई, उन्होंने एटीसी से संपर्क कर समय और उतरने की जगह बताने को कहा. एटीएस के पास भी इसका कोई सटीक समाधान नहीं था. तब इन पायलटों ने अपनी समझदारी का परिचय दिया.

एयर इंडिया के प्रवक्ता प्रवीण भटनागर ने कहा है कि न्यूयॉर्क डाइवर्जन का फ्लाइट सेफ्टी डिपार्टमेंट इस मामले की जांच कर रहा है. एयर इंडिया के पायलटों ने स्थिति को बखूबी संभाला.

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