एयरटेल ने पोस्टपेड प्लेटिनम ग्राहकों के लिए हाई स्पीड 4G नेटवर्क देने का ऐलान किया?

एयरटेल ने पोस्टपेड प्लेटिनम ग्राहकों के लिए हाई स्पीड 4G नेटवर्क देने का ऐलान किया?

दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने 499 रुपये मासिक अधिक खर्च वाले पोस्टपेड ग्राहकों को 4जी नेटवर्क पर वरीयता Priority 4G Network देने की घोषणा की है। 

 

प्रभात खबर पर छपी खबर के अनुसार, कंपनी ने बताया कि अपने ‘एयरटेल थैंक्स’ कार्यक्रम के तहत वह ऐसे ग्राहकों को ‘प्लैटिनम’ श्रेणी में रखकर विशेष सुविधाएं देगी।

 

कंपनी ने एक बयान में कहा कि प्लैटिनम ग्राहकों को भारती एयरटेल के नेटवर्क पर प्राथमिकता दी जाएगी. इससे उन्हें बेहतर स्पीड वाली डेटा सेवा और कॉलिंग अनुभव मिलेगा।

 

कंपनी ने कहा, एयरटेल ने अपनी प्रणाली में उन्नत प्रौद्योगिकी लगायी है। यह प्लैटिनम ग्राहकों की पहचान कर उन्हें नेटवर्क पर वरीयता देने में सक्षम है।

 

 

इससे उन्हें बेहतर और तेज 4जी स्पीड मिलेगी. यह सुविधा 499 रुपये या उससे अधिक का पोस्टपेड प्लान रखने वाले ग्राहकों को मिलेगी. इतना ही नहीं, ऐसे ग्राहकों को कंपनी ‘ग्राहक देखभाल सेवा’ (कस्टमर केयर) पर भी वरीयता देगा।

 

इसमें ग्राहक को कंपनी के कस्टमर केयर सेवा ग्राहक देखभाल अधिकारी से बात करने के लिए कम इंतजार करना होगा।

 

बयान के मुताबिक, ऐसे ग्राहकों को कंपनी 4जी सिम की घर पर आपूर्ति भी करेगी।

 

भारती एयरटेल के मुख्य विपणन अधिकारी शाश्वत शर्मा ने कहा कि यह एयरटेल थैंक्स कार्यक्रम के तहत प्लैटिनम ग्राहकों को अलग अनुभव देने की कोशिश है।

 

कंपनी का कहना है कि प्लैटिनम कस्टमर्स के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी लगायी गई है और उन्हें फास्ट 4G दिया जाएगा।

 

इसका मतलब यह है कि एयरटेल के वैसे कस्टमर्स, जो हर महीने 499 रुपये या इससे ज्यादा का रिचार्ज नहीं करते, उन्हें प्लैटिनम कस्टमर्स के मुकाबले धीमी 4G स्पीड मिलेगी।

 

चुनिंदा ग्राहकों को हाई स्पीड 4G दे कर कंपनी नेट न्यूट्रलिटी को लेकर विवादों में आ गयी है डि।जिटल कम्यूनिकेशन कमीशन ने नेट न्यूट्रलिटी को लेकर नियम बनाये हैं।

 

इसमें नियम के मुताबिक, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स कंटेंट और सर्विस को ब्लॉक करके, ज्यादा या कम स्पीड दे कर भेदभाव नहीं कर सकते हैं।

 

चूंकि एयरटेल ने साफ कहा है कि कंपनी प्लैटिनम यूजर्स को हाई स्पीड 4G देगी, इसका मतलब यह है कि एक तरह से इंटरनेट स्पीड को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। TRAI का भी मानना है कि अनुचित भेदभाव नहीं किया जा सकता।

 

साभार- प्रभात खबर

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