अल्पसंख्यक शब्द हीनभावना पैदा करता है- अली अनवर

अल्पसंख्यक शब्द हीनभावना पैदा करता है- अली अनवर

ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अली अनवर ने कहा कि मुसलमान, ‘मुस्लिम सिंड्रोम’ से बाहर निकलें। अल्पसंख्यक शब्द हीनभावना पैदा करता है। हम इस देश में बहुजन समाज का हिस्सा हैं। यहां के निवासी हैं।

भास्कर डॉट कॉम के अनुसार, अली अनवर अंसारी ने कहा- शुरू से हमारा नारा है-पिछड़ा दलित एक समान, हिन्दू हो या मुसलमान। वह रविवार को स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कय्यूम अंसारी व परमवीरचक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद की जयंती की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी में बोल रहे थे।

संगोष्ठी का विषय था- ‘सियासी गुलामी नहीं, आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी।’ वक्ताओं की राय रही-’हम छोटी-बड़ी हर तरह की कट्‌टरता व सांप्रदायिकता के खिलाफ हैं।

धर्म को सियासत से अलग किया जाए। आबादी के हिसाब से सबको हिस्सेदारी मिले। हम सियासी तौर पर किसी के गुलाम नहीं हैं। हमें कोई टेकेन फॉर ग्रांटेड नहीं ले।’ अध्यक्षता प्रो. ताजुद्दीन मंसूरी ने की।

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. रतनलाल ने कहा-पसमांदा, दलित-अति पिछड़ी जातियों को राजनीति, संस्था व संसाधनों में समुचित हिस्सेदारी मिले। इसराइल मंसूरी व कौसर अली ने भीड़ द्वारा की गई हत्याओं व एईएस से हुई बच्चों की मौत को लेकर प्रस्ताव पेश किया। इसके लिए सरकार को जिम्मेदार बताया गया।

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