Wednesday , September 26 2018

ट्रम्प के आपतिजनक बयान से एक बार फिर अमरीकी शर्मसार हुए

अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर बहुत अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए वाइट हाउस में एक बैठक के दौरान पूछा कि गंदे देशों से लोग अमरीका क्यों आते हैं।

ट्रम्प ने गुरुवार को सांसदों के साथ बैठक में अलसाल्वाडोर, हैटी और अफ़्रीक़ी देशों के पलायनकर्ताओं के बारे में बहुत ही अपमानजनक शब्द ‘शिटहोल’ का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में मौजूद सांसद इस बात को सुन कर चौंक व उत्तेजित हो गए कि रिपब्लिकन राष्ट्रपति एक नस्लभेदी व्यक्ति है।

वॉशिंग्टन पोस्ट के अनुसार, ट्रम्प ने कहा, “हम गंदे देशों के लोगों को अपने यहां क्यों आने देते हैं? हमें हैटी के और नागरिकों की क्या ज़रूरत है? उन्हें निकाल बाहर करो?”

 

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने सुझाव दिया कि अमरीका को योरोपीय देशों के पलायनकर्ताओं को अधिक स्वीकार करना चाहिए जैसे नॉर्वे के पलायनकर्ताओं को कि जिसकी प्रधान मंत्री एर्ना सोल्बर्ग से बुधवार को ट्रम्प ने वाइट हाउस में मुलाक़ात की।

बाद में न्यूयॉर्क टाइम्ज़ ने भी ऐसे सूत्रों के हवाले से इस टिप्पणी को रिपोर्ट किया जिन्होंने ओवल ऑफ़िस में हुयी इस असमान्य बातचीत को सीधे सुना।

वॉशिंग्टन पोस्ट के अनुसार, ट्रम्प की इस टिप्पणी से बैठक में मौजूद रिपब्लिकन सिनेटर लिंडसे ग्राहम और टॉम कॉटन, डेमोक्रेट सिनेटर डिक डर्बिन और रिपब्लिकन रिप्रेज़ेन्टेटिव बॉब गुडलेट हैरत में पड़ गए।

वाइट हाउस ने भी ट्रम्प द्वारा पूरे अफ़्रीक़ी महाद्वीप की घृणित भाषा में व्याख्या का इंकार नहीं किया बल्कि यह कहा कि राष्ट्रपति ऐसी अप्रवासी नीति का समर्थन करते हैं जिससे हमारे समाज को कुछ हासिल हो।

वाइट हाउस के प्रवक्ता राज शाह ने ट्रम्प की नस्लभेदी टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा, “वॉशिंग्टन के कुछ राजनेता विदेशों के अधिकार का समर्थन करते हैं जबकि राष्ट्रपति ट्रम्प हमेशा अमरीकी जनता के अधिकार के लिए लड़ेंगे।

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