फुरकान एनकाउंटर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार से मांगा जवाब

फुरकान एनकाउंटर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार से मांगा जवाब
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योगी सरकार से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुजफ्फरनगर में अक्तूबर माह में हुए फुरकान मुठभेड़ मामले में कार्यवाही की मांग में दाखिल याचिका पर राज्य सरकार सहित सभी पक्षकारों से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने मुठभेड़ में शामिल एसटीएफ व पुलिस के 16 कर्मचारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने फुरकान के पिता मीर हसन की याचिका पर अधिवक्ता एसएफए नकवी को सुनकर दिया।

मामले के तथ्यों के अनुसार बुढ़ाना पुलिस व एसटीएफ ने 22 अक्तूबर 2017 को मुठभेड़ में फुरकान को मार गिराया था। फुरकान के पिता मीर हसन ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए सीजेएम कोर्ट में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए मुजफ्फरनगर की सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।

सीजेएम ने गत 16 जनवरी को अर्जी खारिज कर दी। कहा गया कि सीजेएम कोर्ट ने पुलिस के इस तर्क के आधार पर सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत याची की अर्जी खारिज कर दी कि फुरकान 50 हजार का इनामी था और उसके खिलाफ कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

अधिवक्ता फरमान नकवी ने अपनी बहस में कहा कि किसी के इनामी घोषित होने व उसके खिलाफ कईमुकदमे दर्ज होने से पुलिस को उसे मार डालने का लाइसेंस नहीं मिल जाता। कोई अपराधी है या नहीं, यह तय करना अदालत का काम है।

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