मुसलमानों के प्रति नफ़रत फैलाई गयी है कि उन्होंने हम पर शासन किया है- अम‌र्त्य सेन

मुसलमानों के प्रति नफ़रत फैलाई गयी है कि उन्होंने हम पर शासन किया है- अम‌र्त्य सेन

नरेन्द्र मोदी का संबंध आरएसएस से बताया जाता है जिसने लोगों के मन में डाल दिया है कि मुसलमानों ने हम पर लंबे समय तक राज किया है और अब हमारी बारी है और हमें उन्हें हमेशा के लिए ख़त्म कर देना चाहिए

भारत के नोबल पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्यसेन का कहना है कि नरेन्द्र मोदी की सरकार ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया है जो दशकों से गंभीर अत्याचार का शिकार रही है और अब वहां कड़े मार्शल ला का भी सामना है।

अमरीकी पत्रिका न्यूयार्कर की रिपोर्ट के अनुसार अमर्त्यसेन का कहना था कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अनेक धर्मों और विभिन्न पीढ़ियों पर आधारित सेक्युलर भारत के दृष्टिकोण का तनिक भी ज्ञान नहीं है।

उनका कहना था कि नरेन्द्र मोदी का संबंध आरएसएस से बताया जाता है जिसने लोगों के मन में डाल दिया है कि मुसलमानों ने हम पर लंबे समय तक राज किया है और अब हमारी बारी है और हमें उन्हें हमेशा के लिए ख़त्म कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी और उनकी हिन्दुवादी भारतीय जनता पार्टी दोबारा सत्ता में आने के बाद से हिन्दु राज को और अधिक मज़बूत करने का प्रयास कर रही है

उनका कहना था कि भारत में मीडिया स्वतंत्र हो तो पता चले कि जिस हिन्दुत्व दृष्टिकोण के लागू किए जाने और सफलता के दावे किए जा रहे हैं वह कितने सही हैं।

उन्होंने कहा कि सेक्युलर भारत की ख़ूबसूरती को मोदी और हिन्दुत्व के दृष्टिकोण ने फीका कर दिया।

पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, अमर्त्य सेन का कहना था कि आज हर चीज़ पर कट्टरपंथी हिन्दुत्व के दृष्टिकोण छाए हुए हैं जहां कोई भी मुसलमानों को बीफ़ खाने पर जान से मार दिया जाता है जबकि हिन्दु धर्म में बीफ़ खाने से कहीं भी रोका नहीं गया है।

उनका कहना था कि एक अरब लोगों में से 40 करोड़ मुसलमान और दलित हैं, 10 करोड़ क़बाईली हैं और हिन्दु आबादी की बड़ी संख्या को मोदी के बारे में संदेह है, इनमें से कई लोगों को मारा जा चुका है और कई को जेल में डाल दिया गया है, इस स्थिति में यह कहना मुश्किल है कि मोदी को अधिकतर जनता का समर्थन प्राप्त है।

अमर्त्य सेन का कहना था कि आज के भारत में ज़ोर ज़बरदस्ती का माहौल है, जनता फ़ोन पर भी सरकार के विरुद्ध बात करने की डरती है।

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