आतंकवाद के केस में 14 साल जेल में रहने वाले बेगुनाह मोहम्मद आमिर की लड़ाई आसान नहीं थी!

आतंकवाद के केस में 14 साल जेल में रहने वाले बेगुनाह मोहम्मद आमिर की लड़ाई आसान नहीं थी!

मोहम्मद आमिर खान ने 14 साल तक लंबी लड़ाई लड़ी। उनकी ये लड़ाई आसान नहीं थी। माथे पर लगा था आतंकवादी होने का ठप्पा, लेकिन हौसले और इंसाफ की आस ने आमिर को कभी टूटने नहीं दिया, और इस आरोप से बाइज्जत बरी किए गए।

दरअसल इस केस अब मोहम्मद आमिर को दिल्ली पुलिस की तरफ से 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। इस तरह के मामले में ये पहली बार हुआ है कि दिल्ली पुलिस को मुआवजा देना पड़ा है।

आमिर को इंसाफ दिलाने के पीछे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भी बड़ी भूमिका रही. आमिर को मुआवजा NHRC के आदेश पर दिया गया है। आयोग ने मीडिया में चल रहीं खबरों का संज्ञान लेते हुए गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार को 4 दिसंबर 2015 को नोटिस जारी कर मुआवजा देने का आदेश दिया था।

यही नहीं, मुआवजे में हो रही देरी को लेकर जनवरी 2018 में NHRC ने दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस प्रमुख को समन भी जारी किया था।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने आमिर को दिसंबर 1997 को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। लेकिन जनवरी 2012 को कोर्ट से आमिर को बेकसूर करार देते हुए बरी कर दिया था।

जब आमिर को गिरफ्तार किया था तब उसकी उम्र 18 साल थी। आमिर पर बम ब्लास्ट समेत 18 केस लगाए गए थे। मुआवजे पर प्रतिक्रिया देते हुए आमिर ने कहा कि उसके परिवार ने जो बदनामी झेली है उसकी भारपाई इससे कभी नहीं हो सकती है। लेकिन उन्होंने इंसाफ के लिए जो एक लंबी लड़ाई लड़ी और बरी हुए ये उनके लिए बड़ी जीत है।

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