दिल्ली हिंसा पर संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने दिया बड़ा बयान!

दिल्ली हिंसा पर संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने दिया बड़ा बयान!

पिछले महीने देश की राजधानी में हुई हिंसा में करीब 50 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। काफी हंगामे के बाद बुधवार को लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर बहस हुई।

 

खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, इस दौरान विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। देर शाम गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब दिया।

 

शाह ने कहा कि सबसे पहले मैं इन दंगों के दौरान जिन लोगों की जान गई हैं, उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारों के प्रति भी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

 

विगत कुछ दिनों में जिस प्रकार से देश और दुनिया में इन दंगों को प्रस्तुत किया जा रहा है और आज भी इस सदन में जिस प्रकार से रखने का प्रयास हुआ है, मैं बड़े संयम के साथ इसको स्पष्ट करना चाहूंगा।

 

लेकिन जब दंगों की बात हो और पुलिस मैदान में जूझ रही हो और उसे जांच करके आगे भी इसके तथ्यों को कोर्ट के सामने रखना है तो उस समय हमें वास्तविकता को समझना चाहिए। काफी सारे सदस्यों ने एक सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस क्या कर रही थी?

 

इस सदन के अंदर विपक्ष का ये दायित्व है कि सत्ता पक्ष और उसके अधीन विभागों की कड़ी आलोचना करे और उनकी निगरानी रखे और कहीं गलती होती है तो उसे सदन में भी और बाहर भी उठाएं।

 

दिल्ली पुलिस के सिर पर सबसे पहली जिम्मेदारी हिंसा को रोकना थी। 24 फरवरी, 2020 को 2 बजे के आस-पास पहली सूचना प्राप्त हुई थी और अंतिम सूचना 25 फरवरी को रात 11 बजे प्राप्त हुई। दिल्ली पुलिस ने 36 घंटे में दंगे को समाप्त करने का काम किया है।

 

मैं अगले दिन वहां गया, जब तक कोई घटना नहीं हुई थी। मैं यहां शाम 6.30 को यहां गया और अगले दिन श्रीमान ट्रम्प के जितने भी कार्यक्रम थे, किसी में भी मैं नहीं गया।

 

आप मुझ पर सवाल उठा सकते हैं और आपको ये अधिकार है, लेकिन तथ्यों के साथ तोड़-फोड़ करने का किसी का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं श्रीमान ट्रम्प के कार्यक्रम में बैठा था, उनका कार्यक्रम पहले से तय था और मेरे संसदीय क्षेत्र में था।

 

मैंने ही श्री अजित डोभाल से विनती की थी कि आप वहां जाइए और पुलिस का मनोबल बढ़ाइए, मेरी ही विनती पर वो वहां गए थे। कुछ लोगों ने कहा कि सीआरपीएफ, मिलिट्री भेजनी चाहिए थी।

 

23 तारीख को 17 कंपनी दिल्ली पुलिस की, 13 कंपनी सीआरपीएफ की कुल 30 कंपनी क्षेत्र में पहले से ही रखी थी। 27 फरवरी से आज तक 700 से ज्यादा एफआईआर हमने दर्ज की हैं।

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