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अन्ना हजारे का मोदी सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शरू

नई दिल्ली: मशहूर समाजसेवी अन्ना हजारे ने शुक्रवार से छह साल बाद एक बार फिर अनशन शुरू कर दिए हैं। अपनी तमाम मांगों को लेकर उन्हों ने मोदी को चेतावनी दी है। अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने से पहले अन्ना राजघाट गए और महात्मा गांधी की समाधि स्थल पर बापू को नमन किया। इसके बाद अन्नाघ सीधे रामलीला मैदान पहुंचे और अपने हजारों समर्थकों की मौजदूगी में मंच पर सबसे पहले तिरंगा लहराया और अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।

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अनशन पर बैठने से अन्ना ने कहा कि चाहे इस बार भीड़ आए ना आए वह अकेले ही रामलीला मैदान में बैठे रहेंगे और जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती वह यहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अंग्रेज चले गए, लेकिन लोकतंत्र नहीं आया। साथ ही कहा कि सिर्फ गोरे गए और काले आ गए।

अपनी मांगों के संदर्भ में अन्ना ने कहा कि सिर्फ जुबानी आश्वासन पर अनशन नहीं रुकेगा, बल्कि पुख्ता निर्णय लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चर्चा करने के लिए अनुमति देंगे। उनहोंने केंद्र को घेरते हुए आरोप लगाया और कहा कि आंदोलनकारियों को यहां आने से सरकार रोक रही है। क्या यही लोकतंत्र है।

बता दें कि इससे पहले वर्ष 2011 में भी अन्ना हजारे भ्रष्टाचार की जांच के लिए लोकपाल के गठन की मांग को लेकर इसी मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे थे। इस बार संभावित तौर पर वह नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार पर निशाना साधेंगे।

हालांकि पिछली बार जिस लोकपाल कानून की मांग उन्होंने की थी वो इस आंदोलन का हिस्सा भी है। अन्ना ने भूख हड़ताल शुरू करने से पहले कहा कि, ‘मैंने सरकार को 42 बार पत्र लिखा, मगर सरकार ने नहीं सुनी। अंत में मुझे अनशन पर बैठना पड़ा।

उधर, रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। रामलीला मैदान के चारों तरफ व अंदर भी चप्पे-चप्पे पर पैरा मिलिट्री व दिल्ली पुलिस तैनात है। हर तरह की संभावनाओं से निबटने के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरी तैयारी की है।

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