वो गुमनाम कवि जायसी, जिसने ‘पद्मावती’ को अमर कर दिया

वो गुमनाम कवि जायसी, जिसने ‘पद्मावती’ को अमर कर दिया
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पद्मावती लिखने वाले सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी, जिन्होंने रानी पद्मावती की कहानी को लिखकर अमर कर दिया। बता दें कि मलिक मोहम्मद जायसी का नाता राय बरेली के एक छोटे से शहर जायस से है। जहां आज भी महारानी पद्मावती का नाम हर ज़ुबान पर है, लेकिन इस कहानी को अमर करने वाले जायसी का हाल चिराग तले अंधेरा वाला ही है, जो आजतक गुमनाम ही थे।

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मलिक मुहम्मद जायसी का जन्म सन् 1492 के आसपास हुआ। जायसी ने ‘पद्मावत’ में अपने जन्म के समय के बारे में लिखा है, और जायस गांव के बारे में भी।

संजय लीला भंसाली की विवादों में फंसी फिल्म ‘पद्मावती’ में रानी पद्मावती का किरदार ‘पद्मावत’ नाम के एक महाकाव्य से उपजा है। उन्होंने अवधी भाषा में ‘पद्मावत’ की रचना की थी, जिन ऐतिहासिक पात्रों के सहारे महाकाव्य रचा गया वो पात्र असल में उनके जन्मकाल से करीब 250 साल पहले के थे।

जबकि कुछ इतिहासकारों का मानना है मलिक मुहम्मद जायसी ने अपनी महाकाव्य की रचना के लिए ऐतिहासिक किरदारों का इस्तेमाल किया है।

जायसी ने दुनिया की स्मृति में महारानी पद्मिनी को अमर बना दिया लेकिन उनकी स्मृति में बनाया गया स्मारक गुमनामी के बीच खड़ा है। बता दें कि राजपुताना शौर्यगायन लिखने वाले कवि की निशानियां उपेक्षा का शिकार हो गई हैं। उनकी याद में स्मारक के नाम पर एक खंडहर बचा है।

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