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सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर सरकार से पूछा, क्या आपने सेना को किसी का भी रेप करने की इजाज़त दे दी है?

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में हुए तीन कथित बलात्कार के मामलों की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) से कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने मंगलवार को सेना की खिंचाई करते हुए पूछा कि उसने मणिपुर में अपने कर्मियों के खिलाफ रेप और हत्या के आरोपों पर चुप्पी क्यों साधे रखी।

इसके अलावा कोर्ट ने जवानों के खिलाफ मामला आगे नहीं बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से भी खिचाई की। कोर्ट ने मणिपुर सरकार से पूछा कि यह उनकी लाचारी थी या फिर मौन सहमति कि ऐसे आरोपों के बावजूद वह सेना के खिलाफ आगे नहीं बढ़ी।

जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस यू. यू. ललित की एक पीठ ने सेना और असम राइफल्स की तरफ से पेश हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा, ‘हो सकता है कि आपके यहां दो कथित रेपिस्ट हों…आप चुप क्यों रहे?

जवाब में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह केवल आरोप हैं। सवाल है कि बालात्कार सैन्यकर्मियों ने ही किया है या नहीं।

इसके बाद कोर्ट ने कहा कि हम यह जानना चाहेंगे कि आपने किस तरह की जांच की है। हम जांच रिपोर्ट देखना चाहेंगे।

इसके बाद अटॉर्नी जनरल ने कहा कि राज्य सरकार ने इन मामलों की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया था, लेकिन उसे ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं था।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका डाली गई है। इसमें मणिपुर में 2000 से 2012  तक के बीच सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा 1528 बलात्कार और हत्या से जुड़े मामले चल रहे है। इस याचिका में सभी मामलों में निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की गई है।

बता दें कि जिन तीन मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है, उनमें भारतीय सेना, अर्ध-सैनिक बल और असम राइफल्स के जवान आरोपी हैं।

पहला मामला 4 अक्टूबर 2003 में पेश आया था जिसमें एक 13 साल की बच्ची का दो जवानों ने कथित तौर पर बलात्करा किया था। बलात्कार के बाद पीड़िता ने आत्महत्या कर ली थी।

अन्य दो मामलों में मणिपुरी लड़कियां टी. मनोरमा और एल.डी. रेंगतुईवान की साल 2004 में प्रताड़ना के बाद हिरासत में मौत हो गई थी। उल्लेखनीय है कि मनोरमा मामला राष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियों में रहा है।

कोर्ट ने कहा, “यहां एक 13 साल की लड़की जो रबर फार्म में काम करती थी, उसके खिलाफ ऐसा कोई सबूत नहीं है कि वो घुसपैठिया थी। दो लोग आते हैं और उसका रेप करते हैं। वो अपनी मां और बहन से आपबीती बताती है और फिर आत्महत्या कर लेती है। क्या आपने ये तय कर लिया है कि सेना को आने दो और किसी का भी रेप करने दो, हम क्या करें?

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