Friday , December 15 2017

PICS: जानिए हिरासत में लिए गए सऊदी अरब के राजकुमार, व्यापारी और मंत्रियों के बारे में

 


सऊदी अरब: देश के कुलीन वर्ग में कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सऊदी अरब सरकार तेजी से क़दम उठा रही है इसी संदर्भ में सरकार ने कई अधिकारियों, राजकुमारों, मंत्रियों, प्रमुख व्यवसायियों को निलंबित किया है और दर्जनों बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया है। इस मामले से जानकार लोगों के अनुसार भविष्य में और भी गिरफ़्तारी हो सकती है।

सप्ताह के अंत में शरू किया गया ये अभियान क्राउन प्रिन्स मोहम्मद बिन सलमान का भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई करवाई का एक हिस्सा है ताकि देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया जा सके और तेल पर देश की ऐतिहासिक निर्भरता को कम किया जा सके

प्रिंस अलवालीद बिन तलाल: प्रिंस अलवालीड का सिटीग्रुप, ट्विटर और ऐप्पल जैसे प्रमुख पश्चिमी ब्रांडों में प्रमुख हिस्सेदारी है।उन्होंने रियल एस्टे,हॉस्पिटैलिटी और मनोरंजन क्षेत्रों में भी अपना निवेश किया हुआ है। वह अपने धर्मार्थ कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं

प्रिंस माइटेब बिन अब्दुल्ला: प्रिंस माइटेब को सिंहासन के लिए एक प्रमुख दावेदार के रूप में देखा गया था क्योंकि वह किंग अब्दुल्ला के चहिते बेटे थे। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और कुलीन राष्ट्रीय गार्ड के प्रमुख के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया, जो राज्य की सुरक्षा सेवाओं की एकमात्र शाखा है जो कि राजकुमार के नियंत्रण में नहीं है

प्रिंस तुर्की बिन अब्दुल्ला: प्रिंस तुर्की रियाद के अरबों डॉलर वाले रैपिड ट्रांजिट परियोजना के शुभारंभ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जब वह 2013 और 2015 के बीच उप राज्यपाल और रियाद प्रांत के गर्वनर थे, यह प्रोजेक्ट 2019 तक सऊदी की राजधानी में तैयार हो जायेगा उनपर कथित तोर पर अपनी ही कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का आरोप है

प्रिंस तुर्की बिन नसीर : प्रिंस तुर्क्री लगभग 200 क्लासिक कारों, एक बिजनेस जेट और बेवर्ली हिल्स में भव्य घरों के मालिक हैं वह पहले मौसम विज्ञान और पर्यावरण के अध्यक्ष के पद पर थे।

प्रिंस फहद बिन अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद : प्रिंस फहद 2013 में नौसेना में सेवा करने के बाद उप रक्षा मंत्री बने थे उन्हे चार महीने में ही बिना कुछ बताए हुए इस पद से हटा दिया गया था

आदिल फकीह: फकीह आर्थिक और योजना मंत्री थे फकीह जेद्दा के मेयर, श्रमऔर स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं

Khaled Tuwaiji: नौ साल तक सऊदी शाही अदालत के प्रमुख थे उन्होंने राजा अब्दुल्ला के द्वारपाल के रूप में सेवा की है

इब्राहीम अस्साफ :अस्साफ 20 साल तक सऊदी के वित्त मंत्री थे उन्होंने सऊदी अरब के शीर्ष वित्तीय और व्यापारिक मसलों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है

बकर बिनलादेन: बकर बिनलादेन जाद्दा बेस्ड कंपनी सऊदी बिन लादेन ग्रुप के सब से बड़े शेयर होल्डर और चेयरमैन है उनका

मोहम्मद अल तोबैशी:तोबैशी हमेशा गलत कारणों के लिए खबर में रहे हैं । उन्हे कथित तौर पर एक पत्रकार को थप्पड़ मारने के जुर्म रॉयल कोर्ट के प्रमुख के पद से हटा दिया गया था। तब यह पहली बार नहीं हुआ था कि तोबैशी ने को उनके पद से हटाया गया था, 2013 में, राजा अब्दुल्ला के सेवा काल में भी उन्हे निलंबित किया जा चुका है

अमर ​​अल-दब्बाग: अल-दब्बाग सऊदी अरब जनरल इनवेस्टमेंट अथॉरिटी (एसएजीआईए) के पूर्व गवर्नर,व्यापारी, परोपकारी, और एक लेखक भी हैं। वह जेद्दा-अल-दब्बाग समूह के अध्यक्ष और सीईओ हैं। अल-दब्बाग, स्टार फाउंडेशन के संस्थापक हैं,

वालीद बिन इब्राहिम अल-इब्राहिम:अल-इब्राहिम एक सऊदी अरब व्यापारी और मध्य पूर्व ब्रॉडकास्टिंग सेंटर (एमबीसी) के अध्यक्ष हैं। वह मध्य पूर्व में पहले वाणिज्यिक रूप से सफल टीवी चैनल के मालिक भी हैं


खालिद अल-मुल्हेम: खालिद अल-मुल्हेम सऊदी अरब एयरलाइंस में महानिदेशक थे

सऊद अल-दावेश: अल-दावेश सऊदी दूरसंचार के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी रह चुके हैं एटिहाद के दूसरे लाइसेंस की नियुक्ति के बाद एसटीसी ने मोबाइल फोन सेवाओं पर अपना एकाधिकार खो दिया था जब अप्रैल 2007 बहरीन बाटेलको द्वारा लाइसेंस के दूसरे गठबंधन की जीत हो गई

सालेह अब्दुल्ला कमिल: यह एक सऊदी अरबपति है उनके पास 2.1 अरब अमरीकी डॉलर की संपत्ति है। वह मध्य पूर्व के सबसे बड़े संगठनों में से एक, दल्लाह अल बराक समूह के अध्यक्ष और संस्थापक हैं


मोहम्मद हुसैन अली अल-अमुदी : अल अमुदी एक इथियोपियन और सऊदी अरब अरबपति व्यापारी हैं। 2016 में फोर्ब्स के मुताबिक इनके पास लगभग 10.9 अरब डॉलर की संपत्ति का अनुमान लगाया था। उन्हें इथियोपिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में भी सूचीबद्ध किया गया जा चुका है

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