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अररिया उपचुनाव: परीक्षा पास होने के लिए खूब पसीना बहा रहे हैं सीएम नीतीश कुमार

अररिया: बिहार के जिला अररिया में हो रहे उप-चुनाव के लिए जहां राजद ने दिवंगत सांसद तस्लीमुद्दीन के बेटे सरफराज आलम पर दांव लगाया है तो वहीँ भाजपा की ओर से प्रदीप कुमार को मैदान में उतारा है।

लेकिन इन सब के बीच अगर देखा जाए तो एनडीए शामिल नितीश कुमार के लिए यह बड़ी परीक्षा है, जिसके लिए उन्हें खूब पसीना भी बहाना पड़ रहा है। दरअसल नीतीश राजद का साथ छोड़ एनडीए में लौट चुके हैं और ऐसे में उन पर अपना जनाधार साबित करने की चुनौती है।

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जानकारी के अनुसार, अररिया सीमांचल क्षेत्र का हिस्सा है और यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल इलाका है। ऐसे में राजद मुस्लिम और यादवों के साथ ही दलित और पिछड़ों को भी अपने साथ जोड़ने में जुटी हुई है, जिससे नीतीश की राह काफी मुश्किल हो गई है।

जानकारी के अनुसार, अररिया सीमांचल क्षेत्र का हिस्सा है और यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल इलाका है। ऐसे में राजद मुस्लिम और यादवों के साथ ही दलित और पिछड़ों को भी अपने साथ जोड़ने में जुटी हुई है, जिससे नीतीश की राह काफी मुश्किल हो गई है।

जानकारी के अनुसार, अररिया सीमांचल क्षेत्र का हिस्सा है और यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल इलाका है। ऐसे में राजद मुस्लिम और यादवों के साथ ही दलित और पिछड़ों को भी अपने साथ जोड़ने में जुटी हुई है, जिससे नीतीश की राह काफी मुश्किल हो गई है।

वहीँ दलित वोटरों को लुभाने के लिए जहां राजद जीतनराम मांझी की मदद ले रही है, वहीं एनडीए ने अपने दो दलित मंत्रियों कृष्ण कुमार ऋषिदेव और रामजी ऋषिदेव को चुनाव प्रचार में लगा दिया है।

बता दें कि अररिया सीट पर उप-चुनाव राजद सांसद मोहम्मद तसलीमुद्दीन की मौत के कारण हो रहा है। नीतीश कुमार जब पिछले कार्यकाल में एनडीए के साथ गठबंधन में थे, तब अररिया सीट पर साल 2004 और 2009 में भाजपा ने जीत दर्ज की थी।

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