1986 में भी मोदी जैसा नेतृत्व होता तो मुसलमानों की हालत आज कुछ और होती- आरिफ मोहम्मद खान

1986 में भी मोदी जैसा नेतृत्व होता तो मुसलमानों की हालत आज कुछ और होती- आरिफ मोहम्मद खान

शाह बनो प्रकरण के वक़्तकोंग्रेस  से अलग होने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान ने तीन तलाक पर  मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा है कि इस कानून के अमल में आने के बाद भारत की कोई भी मुस्लिम लड़की खौफ में नहीं जिएगी। खान ने इसका श्रेय  मोदी को  दिया और कहा कि अगर 1986 में भी देश में ऐसा नेतृत्व होता तो आज देश की सियासत और मुसलमानों की स्थिति कुछ और होती। लोकसभा में बीते गुरुवार को ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम-2017’ को पारित किया गया और अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाना है।

खान ने कहा, ‘मुस्लिम समाज में लड़कियों के दिमाग में बचपन से एक तरह का खौफ पैदा किया जाता रहा है। मां कहती है कि बेटी तमीज से रहो, वरना पति के साथ तुम्हारा गुजारा नहीं होगा और वह कभी भी तुम्हे घर से बाहर निकाल देगा। इसकी कल्पना नहीं की जा सकती कि बच्ची को किस तरह के खौफ में जीना पड़ता है। कानून बन जाने के बाद इस देश की कोई भी मुस्लिम बच्ची खौफ में नहीं जिएगी।’ खान का कहना है कि बीते 6 अक्टूबर को उन्होंने कानून की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था और उनका जवाब भी आया तथा कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर इस मामले के कई पहलुओं की जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी तीन तलाक के बहुत सारे मामले सामने आए। इसी तरह का एक मामला बहराइच से आया। इसके बाद मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रगुजार हूं कि इन्होंने इतना जल्दी यह ऐतिहासिक कदम उठाया। इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है।’

 

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