Saturday , November 18 2017
Home / Politics / निजी बैंकों से कहीं ज़्यादा सरकार बैंकों का क़र्ज़ फंसा है: जेटली

निजी बैंकों से कहीं ज़्यादा सरकार बैंकों का क़र्ज़ फंसा है: जेटली

जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी नीत गठबंधन की सरकार बनी है तब से लगातार विपक्ष यह आरोप लगाता रहा है कि कॉर्पोरेट्स का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

लेकिन सरकार लगातार इन आरोपों को दरकिनार करती रही है। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटलीने शुक्रवार को लोकसभा को सूचित किया कि सरकार ने कॉरपोरेट ऋण का एक रुपया भी माफ नहीं किया है।

जेटली ने लोकसभा में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा था कि सरकार ने करीब 59,000 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट कर्ज माफ कर दिया है।

जेटली ने कहा, “सरकार ने कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज का एक रुपया भी माफ नहीं किया है। आपको यह बार-बार दोहराने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “बैंकों का इतना सारा फंसा हुआ कर्ज (गैर निष्पादित परिसंपत्तियां) क्यों है? क्योंकि सरकारी बैंकों द्वारा ये कर्ज साल 2014 से पहले दिए गए थे..निजी बैंकों की तुलना में सरकारी बैंकों का कर्ज ज्यादा फंसा हुआ है।”

TOPPOPULARRECENT