बाबरी मुद्दा मालिकाना हक़ का मामला है, हाईकोर्ट ने गलत फैसला देते हुए ज़मीन का बंटवारा किया: ओवैसी

बाबरी मुद्दा मालिकाना हक़ का मामला है, हाईकोर्ट ने गलत फैसला देते हुए ज़मीन का बंटवारा किया: ओवैसी
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नई दिल्ली। बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की गई टिपण्णी के बीच सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे मालिकाना हक़ से जुड़ा मामला बताया है।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘याद रहे कि बाबरी मस्जिद का केस मालिकाना हक़ से जुड़ा हुआ था और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलत फैसला देते हुए ज़मीन के बंटवारे का आदेश दिया इसलिए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।

बता दें कि आज कोर्ट ने कहा है कि यह एक संवेदनशील मामला है इसलिए इस मसले को आपसी सहमति से हल करना बेहतर होगा।

गौरतलब है कि साल 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को अतिवादियों ने गिरा दिया था। उसके बाद साल 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ पीठ ने बहुमत से यह फैसला दिया था कि जिस जगह पर राम की मूर्ति स्थापित है वह वहीं पर विराजमान रहेगी और बाकी की बची जमीन को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाएगा। कोर्ट ने इसमें से एक हिस्सा सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने का फैसला सुनाया था।

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