बजरंग दल कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी इंस्पेक्टर को जमकर पीटा, पुलिस ने आरोपियों को दबाव की वजह से छोडा

बजरंग दल कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी इंस्पेक्टर को जमकर पीटा, पुलिस ने आरोपियों को दबाव की वजह से छोडा

अलीगढ़ में मवेशियों का शव मिलने के बाद हुए विवाद में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक पुलिस इंस्पेक्टर को जमकर पीटा. इंस्पेक्टर लोगों से बचाने की गुहार लगा रहा था, लेकिन बजरंग दल के कार्यकर्ता लगातार उसकी पिटाई कर रहे थे जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने हवाई फायरिंग करके इंस्पेक्टर को छुड़ाया. पुलिस मौके से 3 आरोपियों को गिरफ्तार करते थाने भी लेकर आई लेकिन दबाव की वजह से छोड़ना पड़ा. दरअसल, अलीगढ़ के खैर कोतवाली में मिले मवेशियों के शव को बजरंग दल अपने हवाले करने की माँग कर रहे थे और जब पुलिस ने इनकार कर दिया तो मारपीट पर उतर आए.

बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को सोफा नहर किनारे गोवंश के अवशेष पड़े होने की सूचना दी। इस पर पीआरवी के सिपाही पहुंच गए। अवशेष एकत्र कर एक कट्टे में रखकर ले जाने लगी, तभी बजरंग दल टप्पल के प्रखंड संयोजक पंकज पंडित, अभिषेक वर्मा, जितेंद्र उपाध्याय, नागेंद्र शर्मा, मंजीत चौधरी, सुदामा शर्मा, दिनेश आदि तमाम कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। वह सभी पुलिस वैन के आगे लेट गए और सिपाहियों से अवशेष भरी बोरी छीन ली।

इस खबर पर इंस्पेक्टर खैर दिनेश चंद्र दुबे मौके पर पहुंचे। मिले अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात कहने लगे, लेकिन बजरंग दल कार्यकर्ता इस बात पर तैयार नहीं थे। उनमें अवशेष छीनने को लेकर इंस्पेक्टर से खींचतान होने लगी। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने इंस्पेक्टर को नीचे गिरा दिया। इस पर इंस्पेक्टर ने सिपाहियों को आवाज लगाते हुए उनको किसी तरह छुड़ाया। इस खींचतान में उनकी वर्दी के बटन टूट गए।

उधर इस बवाल की खबर अधिकारियों तक पहुंची तो एसडीएम जोगिंदर सिंह, एसपी देहात डा. यशवीर सिंह, सीओ तेजवीर सिंह कई थानों की फोर्स लेकर पहुंच गए। पुलिस अवशेष के साथ ही बजरंग दल कार्यकर्ता पंकज पंडित, अभिषेक वर्मा तथा जितेंद्र उपाध्याय को पकड़कर थाने ले गई। इससे आक्रोशित बजरंग दल कार्यकर्ता शिवाला नहर पुल पर एकत्रित हो नारेबाजी कर जाम लगाने का प्रयास करने लगे।

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