पॉर्न अब भी देशभर में करोड़ों स्मार्टफोन्स पर बिना किसी डर के धड़ल्ले से देखा जा रहा है
Despite the #Indian governments crackdown on porn websites, global players have found a unique way to dodge the ban and are now being watched on millions of #smartphones and #computers across the country without any fear.
Photo: IANS pic.twitter.com/vbCfh3vxnW
— IANS (@ians_india) September 29, 2019
पॉर्न वेबसाइट्स पर भारत सरकार की कार्रवाई के बावजूद बड़ी ग्लोबल वेबसाइट्स ने इस प्रतिबंध से निपटने का तरीका निकाल लिया है। पॉर्न अब भी देशभर में करोड़ों स्मार्टफोन्स पर बिना किसी डर के धड़ल्ले से देखा जा रहा है।
#Porn ban in #India: #Government asks Internet providers to block 827 #adult websites https://t.co/dACHJPx4C4
— ABP News (@ABPNews) October 25, 2018
मालूम हो डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस ने सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को एक पत्र जारी कर उन्हें (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अनुच्छेद 79(3)(ब) के तहत) पॉर्न वेबसाइट्स निष्क्रिय करने का निर्देश दिया था।
Porn consumption in India doesn’t drop despite ban on 827 websiteshttps://t.co/1rKVgLQtEY@vijdankawoosa reports pic.twitter.com/Jc84NefJlu
— Hindustan Times (@htTweets) January 18, 2019
आदेश के तहत 857 वेबसाइटों को अनैतिक और असभ्य बताकर निष्क्रिय कर दिया गया था। हालांकि दो वैश्विक पॉर्न पोर्टल – रेडट्यूब और पॉर्नहब ने भारत में वापसी की है।
https://twitter.com/RT_com/status/628483778030104576?s=19
चूंकि कार्रवाई डॉट कॉम डोमेन पर हुई है, तो पॉर्न वेबसाइट्स बिना किसी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन), वैकल्पिक ब्राउजर्स, प्रॉक्सीज और अन्य उपायों की जरूरत के बिना विभिन्न स्क्रीन्स पर आसानी से एक्सेस की जा सकती हैं।
बता दें पिछले साल दिसंबर में डीओटी के निर्देशों के बाद जियो, एयरटेल और वोडाफोन जैसे प्रमुख टेलीकॉम ओपरेटरों ने भी पॉर्न या चाइल्ड पॉर्नोग्राफिक कंटेंट दिखाने वाली वेबसाइट्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। देश के अग्रणी साइबर कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल के अनुसार, भारत में कठोर साइबर सुरक्षा कानूनों को तत्काल लागू करने की जरूरत है।