कावेरी नदी जल विवाद: विपक्ष के बंद का दिखा असर, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

कावेरी नदी जल विवाद: विपक्ष के बंद का दिखा असर, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

चेन्नई। कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर तमिलनाडु में विपक्षी दलों ने गुरुवार को बंद आहूत किया है। बंद का असर सुबह से ही दिखने लगा है। राज्य के कई शहरों में बंद का कारण सन्नाटा है। कावेरी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक के पक्ष में फैसला आने के बाद से बोर्ड के गठन के लिए विपक्षी दल केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे हैं।

बंद के कारण राज्य की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बंद का समाज के लगभग हर तबके ने समर्थन दिया है। सबसे अधिक असर बस सेवाओं पर पड़ता दिख रहा है। प्रमुख ट्रेड यूनियन्स ने बंद में भाग लेने का फैसला किया है, इसलिए सरकारी बसें गुरुवार को नहीं चलेंगी।

वहीं कर्नाटक से आईं बसें भी गुरुवार को तमिलनाडु की सीमा पर ही रुकी हुई हैं। कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन कॉर्पोरेशन ने तमिलनाडु में बसें नहीं चलाने का ऐलान किया है। राज्य की सड़कों पर बंद का असर दिखाई दे रहा है। सुबह-सुबह खुलने वाली चाय-सब्जी की दुकानों से लेकर बड़ी दुकानें भी बंद हैं।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 16 फरवरी को अपने आदेश में कावेरी जल में कर्नाटक का हिस्सा 14.75 टीएमसी फुट बढ़ाकर उसे 270 टीएमसी फुट कर दिया था। उसने नदी जल में तमिलनाडु का हिस्सा घटा दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पानी राष्ट्रीय संपत्ति है और नदी के जल पर किसी भी राज्य का मालिकाना हक नहीं है।

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