बांग्लादेश : कॉक्स बाजार के रोहिंग्या शिविरों पर बारिश ने ढाया कहर

बांग्लादेश : कॉक्स बाजार के रोहिंग्या शिविरों पर बारिश ने ढाया कहर

ढाका। बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में बारिश ने रोहिंग्या शिविरों में कहर बरपा दिया है, जिससे पानी से होने वाली बीमारियों में वृद्धि हुई है। इस क्षेत्र में मानवतावादी एजेंसियां ​​अभी भी इन शरणार्थियों को स्थानांतरित करने के लिए कह रही हैं, जहां भूस्खलन के खतरे वाले क्षेत्रों में रह रहे हैं।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट में इंटरनेशनल कोऑर्डिनेशन ग्रुप (आईएससीजी) साप्ताहिक स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक 14 से 21 जून तक मानसून की बारिश 9 5 मिमी हुई।

कुल मिलाकर इस अवधि में 116 आश्रय क्षतिग्रस्त हुए हैं। असुरक्षित और फिसलनदार पहाड़़ी के पास पनाह लिए शरणार्थियों को सबसे ज्यादा बारिश के दौरान भूस्खलन और बाढ़ का डर रहता है।

बारिश से 700 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए जिनमें से 55 लोग भूस्खलन, 234 बाढ़, 425 हवा और तूफान और 13 पानी के अंदर घुस आने से प्रभावित हुए। आईएससीजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल मिलाकर 727 लोग प्रभावित हुए हैं।

11 मई से कुल 3,303 आश्रय, 22 पानी के साधन, 300 शौचालय और एक स्वास्थ्य साधन क्षतिग्रस्त हो गए है, जबकि 14 स्वास्थ्य सुविधाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इसके अलावा 215,000 शरणार्थी भूस्खलन के खतरे वाले क्षेत्रों में रह रहे हैं, जिसमें 42,000 सबसे ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में हैं।

17 जून तक कम से कम 32,000 शरणार्थियों को स्थानांतरित कर दिया गया था। बांग्लादेश सरकार महीने के अंत तक 3,500 अन्य लोगों को स्थानांतरित करने की योजना बना रही है।

रोहिंग्या म्यांमार में एक मुस्लिम अल्पसंख्यक जातीय समूह हैं और उन्हें अवैध आप्रवासियों माना जाता है। पिछले साल अगस्त में एक म्यांमार सेना के अभियान से भागने के बाद, 700,000 से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेशी शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं।

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